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शहीद स्मारक पर पिछले 127 दिनों से जारी धरने में भर्ती रद्द होने पर युवाओं ने खुशी जाहिर की।

राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 को आखिरकार राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। लंबे समय से चल रहे पेपर लीक विवाद और भर्ती प्रक्रिया में धांधली के आरोपों के बीच गुरुवार को कोर्ट के फैसले ने प्रदेशभर के हजारों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत

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इस दौरान छात्र नेता विकास विधूड़ी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज कोर्ट के फैसले से तानाशाही हारी है। सरकार का पक्षपात पूर्ण रवैया हारा है। कोर्ट के फैसले ने सरकार की हठधर्मिता को खत्म कर युवा बेरोजगारों को न्याय देने का काम किया है। जिसके लिए मैं किरोड़ी लाल मीणा, हनुमान बेनीवाल समेत उन तमाम लोगों का आभारी हूं। जिन्होंने इस लड़ाई में हमारा साथ दिया।

शहीद स्मारक पर नाचकर खुशी का इजहार करते युवा बेरोजगार।

शहीद स्मारक पर नाचकर खुशी का इजहार करते युवा बेरोजगार।

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में असली दोषी ही राजस्थान लोक सेवा आयोग के चेयरमैन है। जिनके खिलाफ सख्त एक्शन होना बेहद जरूरी है। पेपर लीक और फर्जीवाड़े में आरोपियों की बहुत लंबी चौड़ी फेहरिस्त है। जिनके खिलाफ आज भी कार्रवाई लंबित है। वैसे भी जो वादे कर बीजेपी सत्ता में आई थी। आज युवा बेरोजगारों के साथ किया एक भी वादा पूरा नहीं किया जा रहा है। ऐसे में अगर अब सब इंस्पेक्टर भर्ती को लेकर फिर कोई विवाद होता है। तो हम अंतिम समय तक हमारी लड़ाई जारी रखेंगे।

बता दें कि हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि 2021 भर्ती के तहत निकले 859 पदों को आगामी 2025 भर्ती प्रक्रिया में जोड़ दिया जाएगा। इतना ही नहीं, जिन अभ्यर्थियों की उम्र सीमा अब पार हो चुकी है, उन्हें भी नई भर्ती में आवेदन का मौका मिलेगा। कोर्ट ने माना कि गड़बड़ियों के कारण निर्दोष उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ है, इसलिए उन्हें मौका मिलना जरूरी है।



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