छात्र नेता निर्मल चौधरी ने पीपलोदी गांव में स्कूल हादसे में मृत हुए बच्चों के परिजनों को 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि भेंट की।
झालावाड़ के पीपलोदी गांव में हुए स्कूल हादसे के बाद राजस्थान के युवा छात्र नेता निर्मल चौधरी मंगलवार को पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने सरकार की खामियों की वजह से बच्चों की जान जाने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रत्येक मृतक बच्चे के परिवार को 1
निर्मल चौधरी मंगलवार रात करीब 9 बजे झालावाड़ जिला अस्पताल भी गए। वहां उन्होंने हादसे में घायल बच्चों का हालचाल जाना और परिवार के लोगों का हौसला बढ़ाया। निर्मल चौधरी ने कहा कि उन्होंने इतने बुरे हालात अपने जीवन में पहली बार देखे हैं। उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले लोग पशु-पक्षियों की तरह जीवन व्यतीत करने पर मजबूर हैं। उनके हालात देखकर सोचना पड़ रहा है कि ये लोग किस सदी में जी रहे हैं। सरकार की खामियों की वजह से बच्चों की जान चली गई।
निर्मल ने बताया कि वह घटना वाले दिन भी यहां आ रहे थे,लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। अधिकारियों ने कहा कि आप विपक्ष में हैं, इसलिए वापस चले जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आपको किसी भी प्रकार का क्रेडिट मिला तो पीड़ित परिवारों का नुकसान होगा।

स्कूल हादसे के पीड़ितों से मिलने झालावाड़ अस्पताल पहुंचे निर्मल चौधरी।
निर्मल चौधरी ने कहा कि वह पीपलोदी के लोगों की हालत देखकर बेहद दुखी हैं। यहां के लोग बीमारियों से ग्रसित हैं और अधिकांश लोगों को गांठें निकली हुई हैं। उन्होंने कहा कि वह इन परिवारों के लिए आगे भी आवाज उठाएंगे ताकि सरकार और प्रशासन नींद से जागे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से वादा किया कि वह भविष्य में भी उनकी मदद के लिए तत्पर रहेंगे। चाहे वह कहीं भी रहें, जब भी उन्हें याद किया जाएगा, वह पीड़ितों के बीच पहुंचने का पूरा प्रयास करेंगे ताकि उन्हें राहत मिल सके।
मानवता के नाते यहां पहुंचा हूं- निर्मल
निर्मल चौधरी ने कहा कि उन्होंने यहां ग्रामीणों की आर्थिक सहायता की है तथा उनसे मिलने यहां आए हैं, इसको हरगिज यह न समझा जाए कि वह यहां किसी प्रकार की राजनीति करने आए हैं। उन्होंने कहा कि उनका झालावाड़ से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है, ना ही उन्हें यहां राजनीति करनी है, ना ही वह यहां कभी चुनाव लड़ने आएंगे, लेकिन यहां के हालातों के बारे में जब उन्होंने सुना तो उनकी आत्मा रो पड़ी तथा वह मानवता के नाते आत्मा की आवाज सुनकर आज यहां पहुंचे हैं।
आओ यहां के हालत देखो
निर्मल चौधरी ने गांव के हालातों पर बात करते हुए कहा कि देश ने पिछले 50-60 सालों में काफी विकास किया, लेकिन यहां आकर ऐसा लग रहा है कि यह लोग विकास के बदले और पीछे चले गए हैं, ना तो उनके पास रहने को ठीक मकान है, ना ही यहां रास्ते अच्छे हैं, पूरा गांव बीमारियों में जकड़ा हुआ है, यहां कोई भी सुविधा नजर नहीं आती। यहां एक भी पक्का मकान नहीं है, ऐसे में इन हालातों पर सिर्फ और सिर्फ अफसोस व्यक्त किया जा सकता है।
निर्मल चौधरी ने कहा कि वह यहां आने के बाद सभी जनप्रतिनिधियों, राजनेताओं और मीडिया से अपील करना चाहेंगे कि वह सब यहां आएं और यहां के हालात देखें, तब उन्हें एहसास होगा कि यहां के लोग इस लोकतंत्र में भी इतना दर्द भोग रहे हैं जितना पशु पक्षी भी नहीं भुगतते। अगर अपने आप को लीडर कहते हो और लीडर समझते हो तो यहां आओ और इनका दर्द देखो।

झालावाड़ अस्पताल में स्कूल हादसे में घायल हुई बच्ची से बात करते निर्मल चौधरी।
राज्य सरकार की नाकामी की वजह से गई जान
चौधरी ने शिक्षा मंत्री को घेरते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री कहते है वह सब स्कूलों को ठीक नही करवा सकते, जेब से पैसा दे नहीं लगा सकते, अरे आपसे मांग कौन रहा है। आप अपने ओहदे की गरिमा नहीं निभा सकते तो आपको कहा आवश्यकता है इस ओहदे पर बैठने की। आपके अलावा कोई और काबिल व्यक्ति नही है क्या। इस तरह की बाते करने से पहले उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। सरकार ओर सिस्टम संभला नहीं तो लोग आत्महत्या ही करेंगे। प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने जमकर हमला बोला सरकार यह कैसा सुशासन चला रही है।
नेताओं से हिसाब पूछकर डाले वोट अस्पताल में मिलने के दौरान चौधरी ने परिजनों से बात करते हुए कहा कि इस बार वोट डाले तो नेताओं से हिसाब पूछकर डालना आपका वोट बड़ा ताकतवर है पहले उनसे 5 साल का हिसाब पूछना। वही बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित किया कहा इतना पढ़ाना आपकी तरह जीवन नही झेले यूनिवर्सिटी एडमिशन की उनकी जिम्मेदारी होगी खर्च की चिंता ना करे।
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