☜ Click Here to Star Rating


श्यामक समर फंक 2025 में जयपुर के 700 से अधिक युवा कलाकारों ने मंच पर नृत्य और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए।

श्यामक डावर इंस्टीट्यूट फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स की ओर से आयोजित श्यामक समर फंक 2025 में जयपुर के 700 से अधिक युवा कलाकारों ने मंच पर नृत्य और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए। जयश्री पेरीवाल ग्रुप ऑफ स्कूल्स के विद्य

.

समर फंक के मंच पर विद्यार्थियों ने न केवल अपने कला कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि अपने भीतर छिपी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और टीम भावना का भी परिचय दिया। मंच पर उनकी प्रस्तुतियां मनोरंजन से कहीं आगे जाकर उनके व्यक्तित्व विकास और बदलाव की झलक भी देती रहीं।

मंच पर उनकी प्रस्तुतियां मनोरंजन से कहीं आगे जाकर उनके व्यक्तित्व विकास और बदलाव की झलक भी देती रहीं।

मंच पर उनकी प्रस्तुतियां मनोरंजन से कहीं आगे जाकर उनके व्यक्तित्व विकास और बदलाव की झलक भी देती रहीं।

श्यामक डावर की ओर से शुरू किया गया यह आयोजन अब एक वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। हैव फीट्स, विल डांस के आदर्श वाक्य के साथ प्रारंभ हुआ यह मंच आज हजारों युवाओं को प्रदर्शन कलाओं के माध्यम से सशक्त बना रहा है।

इस अवसर पर श्यामक डावर ने कहा कि समर फंक सिर्फ एक कार्यशाला नहीं, बल्कि यह जुनून, अभिव्यक्ति और आत्म-खोज का उत्सव है। हर साल छात्रों की प्रस्तुतियों से मुझे प्रेरणा मिलती है। यह देखना गर्व की बात है कि कैसे यह मंच हर पीढ़ी में नई प्रतिभाओं को जन्म दे रहा है।

श्यामक डावर की ओर से शुरू किया गया यह आयोजन अब एक वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

श्यामक डावर की ओर से शुरू किया गया यह आयोजन अब एक वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन का स्वरूप ले चुका है।

इस वर्ष की प्रस्तुतियों ने श्यामक डावर की निजी यात्रा को भी मंच पर जीवंत किया गया। उनके संघर्ष, आध्यात्मिक अनुभव और परफॉर्मिंग आर्ट्स के प्रति समर्पण को कलाकारों ने खूबसूरती से प्रदर्शित किया। नृत्य के जरिए सीमाओं और संस्कृतियों से परे संवाद स्थापित करने के उनके मिशन को इस आयोजन ने एक नई ऊंचाई दी।

श्यामक डावर ने कहा कि समर फंक सिर्फ एक कार्यशाला नहीं, बल्कि यह जुनून, अभिव्यक्ति और आत्म-खोज का उत्सव है।

श्यामक डावर ने कहा कि समर फंक सिर्फ एक कार्यशाला नहीं, बल्कि यह जुनून, अभिव्यक्ति और आत्म-खोज का उत्सव है।

श्यामक समर फंक 2025 ने न केवल अपनी 31 वर्षों की समृद्ध विरासत को मजबूती दी, बल्कि भारत में प्रदर्शन कला की शिक्षा और मंचीय प्रशिक्षण के लिए एक नया मानदंड भी स्थापित किया।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading