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कार्यक्रम में राजस्थान यादव महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष हरसहाय यादव, युवा यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मदन यादव, महिला विंग की अध्यक्ष चंचल यादव और महासचिव मधु यादव सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

अखिल भारतीय यादव महासभा ने फरहान अख्तर की आगामी फिल्म ‘120 बहादुर’ में रेजांग ला युद्ध के ऐतिहासिक तथ्यों के सटीक चित्रण की मांग की है। महासभा के दिल्ली राज्य के महासचिव दिनेश यादव ने कहा कि 1962 के इस युद्ध में अहीर सैनिकों का महत्वपूर्ण योगदान था।

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राजस्थान यादव महासभा के अध्यक्ष डॉ. करण सिंह यादव और महेंद्र यादव ने बताया कि रेजांग ला की लड़ाई में 13 कुमाऊं रेजिमेंट की चार्ली कंपनी के 120 सैनिकों में से 114 वीरगति को प्राप्त हुए। इनमें 95 प्रतिशत से अधिक सैनिक हरियाणा के रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के अहीर समुदाय से थे।

अहीर सैनिकों के बलिदान को उचित स्थान देने की मांग

कार्यक्रम में राजस्थान यादव महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष हरसहाय यादव, युवा यादव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मदन यादव, महिला विंग की अध्यक्ष चंचल यादव और महासचिव मधु यादव सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी ने फिल्म में अहीर सैनिकों के बलिदान को उचित स्थान देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि हम मेजर शैतान सिंह भाटी के शौर्य को सलाम करते हैं, लेकिन कहानी केवल एक नायक की नहीं, बल्कि उन सभी 120 बहादुरों की है, जिन्होंने अंतिम सांस तक मोर्चा संभाला। यह सामूहिक बलिदान है और इसे फिल्म में बराबर सम्मान मिलना चाहिए।

सभी 114 शहीदों के पूरे नाम, उपनाम और गृह राज्य का उल्लेख मूवी में हो

उन्होंने कहा कि मूवी की कथा में अहीर (यादव) सैनिकों की भूमिका और योगदान का सही चित्रण हो। साथ ही सभी 114 शहीदों के पूरे नाम, उपनाम और गृह राज्य का उल्लेख मूवी में किया जाए और शहीद परिवारों और सामुदायिक प्रतिनिधियों के लिए स्क्रीनिंग कराई जाए। दूसरी और उन्होंने कहा कि फिल्म की शुरुआत या अंत में श्रद्धांजलि हो, जिसमें शहीदों का नाम और योगदान दर्ज हो।

फिल्म से शौर्य गाथा आए दुनिया के सामने

कार्यकारी अध्यक्ष हरसहाय यादव और प्रदेश अध्यक्ष युवा यादव महासभा मदन यादव ने कहा कि यदि फिल्म में सामुदायिक योगदान की अनदेखी या गलत चित्रण किया गया तो यह ऐतिहासिक विकृति, सामुदायिक मानहानि और शहीदों की गरिमा का उल्लंघन होगा, जिसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। न्यायालय में याचिका और हर्जाने की मांग शामिल है।

दिनेश यादव ने कहा कि हमारे सैनिक परिवार ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, लेकिन उन्हें वह पहचान और सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं। हम चाहते हैं कि फिल्म से उनकी शौर्य गाथा को दुनिया के सामने लाए।



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