![]()
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य की देखभाल को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पीबीएम अस्पताल के मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग द्वारा 4 से 10 अक्टूबर तक विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह 2025 का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष की थीम है, आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच।
विभागाध्यक्ष डॉ. हरफूल सिंह ने बताया कि सात दिनों तक चलने वाले इस सप्ताह में शहर के विभिन्न हिस्सों में जागरूकता कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा, प्राकृतिक आपदाओं, युद्ध, महामारी या विस्थापन जैसी परिस्थितियों में लोग मानसिक रूप से गहराई से प्रभावित होते हैं। समय पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सिर्फ उपचार ही नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का जरिया है।
सप्ताहभर की गतिविधियां कुछ इस प्रकार रहेंगी 4 अक्टूबर: पोस्टर विमोचन 5 अक्टूबर: सार्वजनिक स्थल पर जनजागरूकता कार्यक्रम 6 अक्टूबर: कोचिंग संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य पर वार्ता 7 अक्टूबर: नर्सिंग विद्यार्थियों के साथ कार्यशाला 8 अक्टूबर: मेडिकल कॉलेज छात्र-छात्राओं के लिए कार्यशाला 9 अक्टूबर: निबंध, स्लोगन लेखन और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता 10 अक्टूबर: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस समारोह और मानसिक बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों पर चर्चा
^मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व देना होगा। अस्पताल और शिक्षा संस्थानों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि हर वर्ग तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें। डॉ. रेखा आचार्य, अतिरिक्त प्राचार्य एवं नियंत्रक, सरदार पटेल मेडिकल, बीकानेर
मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा, रोगों से भी खतरनाक बीकानेर के मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि मानसिक रोगों की पहचान अक्सर देर से होती है। लोग इसे शर्म या सामाजिक दबाव में छिपाते हैं, जबकि इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। कोविड महामारी के बाद मानसिक रोगों के मामलों में तेजी आई, लेकिन परामर्श लेने वाले लोगों की संख्या आज भी कम है।
आमजन के लिए संदेश मानसिक स्वास्थ्य को लेकर शर्म या झिझक छोड़ें। परेशानी होने पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें। बच्चों और किशोरों पर विशेष ध्यान दें। योग, ध्यान और सकारात्मक सोच मानसिक स्वास्थ्य को मजबूती देते हैं। मानसिक स्वास्थ्य अब कोई साइड इश्यू नहीं, बल्कि जीवन का अनिवार्य हिस्सा है। बीकानेर में होने वाले कार्यक्रम समाज को यह संदेश देंगे कि मानसिक रोग भी किसी अन्य बीमारी की तरह इलाज योग्य हैं। जागरूकता ही पहला कदम है और यह सप्ताह उसी दिशा में एक मजबूत पहल है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments