समाज कल्याण सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार को जिला कारागृह बाड़मेर में अपराधी सुधार दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक सुरेन्द्र प्रतापसिंह भाटी एवं जेलर मुकेश भाटी तथा शिक्षाविद् प्रो. बंशीधर तातेड़ के सान्निध्य में हुआ।
इस अवसर पर उप निदेशक भाटी ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि कारागृह केवल दंड की जगह नहीं है, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी है। उन्होंने बंदियों से आह्वान किया कि वे अतीत की भूलों को पीछे छोड़कर एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में पुनः स्थापित हो। उन्होंने अपराध-विहीन समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिए बंदियों से सकारात्मक संकल्प लेने का आह्वान किया।
जिला कारागृह अधीक्षक मुकेश कुमार ने नशामुक्त जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज सभी को प्रभावित करता है। उन्होंने बंदियों से नशे से दूर रहकर शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा दी। इस दौरान ओपन यूनिवर्सिटी के माध्यम से शिक्षा जारी रखने और कारागृह में उपलब्ध अन्य सुधारात्मक गतिविधियों की जानकारी भी साझा की गई।कार्यक्रम में शिक्षाविद् प्रो. बंशीधर तातेड़ ने अपनी कविताओं एवं कहानियों के माध्यम से बंदियों को आत्मचिंतन और आत्मसुधार के लिए प्रेरित किया। परिवीक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह ने पैरोल प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक, कारागृह अधीक्षक एवं जिला परिवीक्षा अधिकारी की सकारात्मक अनुशंसा पर योग्य बंदियों को पैरोल पर रिहाई का अवसर प्रदान किया जाता है। यह व्यवस्था बंदियों को परिवार और समाज से जुड़ने तथा पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण सहायक सिद्ध होती है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से जोगाराम, देवराज जेल स्टाफ एवं बंदियों ने भी सहभागिता की।
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