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कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के फॉर्म पर सौरभ और अनिरुद्ध के फोटो।
भर्ती परीक्षाओं में बायोमेट्रिक अटेंडस और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के दम पर पुलिस ने पिछली परीक्षाओं में डमी केंडिडेट के रूप में बैठे दो युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। ये दोनों धौलपुर के रहने वाले हैं और पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा देने बीकानेर
दरअसल, एक बार बायोमेट्रिक अटेंडेंस फीड होने के बाद ये पता लगाया जा सकता है कि उस फिंगर प्रिंट और अन्य निशान के शख्स ने कब-कब एग्जाम दिए हैं और किस नाम से दिए हैं। बीकानेर में ऐसे दो केंडिडेट्स सामने आए हैं, जिन्होंने कांस्टेबल की परीक्षा तो अपने आवेदन पर दी लेकिन इससे पहले प्री डीएलएड का एग्जाम किसी ओर नाम से दिया था।
सदर थानाधिकारी दिगपाल सिंह ने धौलपुर के अनिरुद्ध गुर्जर पुत्र साहब सिंह निवासी गांव बड़ा और सौरभ कुमार पुत्र मुकेश कुमार गुर्जर निवासी सामलियापुरा तहसील राजाखेड़ा धौलपुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। दोनों पर तीस जून 25 को आयोजित प्री डीएलएड एग्जाम में डमी केंडिडेट के रूप में बैठने का आरोप है। इसमें अनिरुद्ध गुर्जर ने राजकीय महारानी गर्ल्स सीनियर सैकंडरी स्कूल एग्जाम दिया था। पुलिस को इस पर शक हुआ तो इसका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाया गया। तब कांस्टेबल एग्जाम में उसका रिकार्ड सही पाया गया। डाटा का विश्लेषण करने पर पता चला कि इसी केंडिडेट ने तीस जून को आयोजित प्री डीएलएड एग्जाम में अपने बुआ के लड़के अजय कसाना के स्थान पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुराना हॉस्पिटल में एग्जाम दिया था।
वहीं एक अन्य केंडिडेट सौरभ गुर्जर ने जूनागढ़ के पास स्थित सेंट पब्लिक सीनियर सैकंडरी स्कूल में एग्जाम दिया था। सौरभ गुर्जर पर भी पुलिस को शक था। ऐसे में इसी स्कूल में एग्जाम के बाद उसे रोककर पूछताछ की गई। करीब एक घंटे की पूछताछ के बाद उसका कांस्टेबल एग्जाम का रिकार्ड सही पाया गया। ऐसे में इस स्कूल में तो इसने कोई गड़बड़ नहीं की लेकिन बायोमेट्रिक रिकार्ड से पता चला कि इसी रिकार्ड यानी फिंगर प्रिंट और अन्य शारीरिक निशानियों वाले केंडिडेट ने प्री डीएलएड एग्जाम में दयाराम नाम से एग्जाम दिया था। इसके बाद एक जून 25 को शैलेंद्र नाम के एक अन्य नाम से भी डमी एग्जाम दिया। इस स्टूडेंट पर दो बार डमी के रूप में बैठने का आरोप है।
और चेहरे भी सामने आ सकते हैं
विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह फर्जीवाड़ा करने वाले कई और केंडिडेट्स भी सामने आ सकते हैं। अगर एग्जाम के बायोमेट्रिक्स के आधार पर एक-एक केंडिडेट की छानबीन की गई तो पिछली परीक्षाओं में डमी के रूप में बैठने वाले कई युवकों पर कार्रवाई हो सकती है।
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