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जयपुर मेट्रो के सेकंड फेज शुरू होने के साथ ही राजधानी के लोगों को आधुनिक परिवहन की अनोखी सौगात मिलेगी। सेकंड फेज के 43 किमी की दूरी में चलने वाली मेट्रो बिना ड्राइवर के कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) पर आधारित होगी। बिना ड्राइवर से संचालि
सुरक्षित होने से इस तकनीक का उपयोग सिंगापुर, दुबई, लंदन, शंघाई में हो रहा है। दिल्ली और मुंबई में भी इसी तकनीक का मेट्रो के संचालन में उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में मेट्रो के प्रथम फेज में डिस्टेंस टू गो तकनीक इस्तेमाल की जा रही है। यह एक पारंपरिक सिग्नलिंग तकनीक है, जिसे केवल मेट्रो ट्रेनों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
यह अपने आप फैसला लेती है
तकनीक में हर ट्रेन में एक खास कंप्यूटर सिस्टम होता है, जो ट्रेन को कब रुकना है, कब चलना है और कितनी स्पीड से किस जगह चलना है, इसे नियंत्रित करता है। तकनीक के माध्यम से ट्रेन खुद सोचने जैसी क्षमता रखेगी और दूसरी तरफ कंट्रोल रूम हर पल नजर भी रखेगा।
सीबीटीसी तकनीक का फायदा
इस तकनीक के माध्यम से पहली बार ऑटोमेटिक ट्रेन संचालित होगी। इसकी वजह से ही हर 180 सेकंड में यात्रियों को हर स्टैंड पर ट्रेन की उपलब्धता हो सकेगी। ट्रेन निर्धारित रूट पर ही रहेगी। ट्रेन का संचालन पूरी तरह से सुरक्षित होगा। दुर्घटना की कोई संभावना नहीं होगी। वहीं, ट्रेनों का संचालन एकदम सटीक और समयबद्ध होगा।
मंडपों की वास्तुकला देखने को मिलेगी
- प्रहलादपुरा-सतीपुरा मेट्रो स्टेशन पर गुंबदनुमा छतें, संगमरमर जैसी फिनिशिंग और झील के किनारे के मंडपों से प्रेरित वास्तुकला देखने को मिलेगी।
- गवर्नमेंट हॉस्टल और चांदपोल स्टेशनों पर जयपुर शैली में चूने के प्लास्टर से बनी सफेद और गुलाबी रंग की जालियां, गुम्बददार छतें और ऊंचाई वाले प्रवेश होंगे।
- स्टेशनों पर मेवाड़ी स्थापत्य, राजपूत योद्धाओं के इतिहास पर आधारित, स्थानीय कला मेले, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- सेकंड फेज से चौमूं, चाकसू, फागी, चंदवाजी और बस्सी से आने वालों को राहत मिलेगी।
- प्रहलादपुरा मेट्रो स्टेशन से चाकसू के बीच में फीडर बस सुविधा शुरू की जाएगी।
- टोड़ी मोड़ स्टेशन से चौमूं के बीच में फीडर बस सेवा शुरू की जाएगी।
- विद्याधर नगर-टोड़ी मोड़ स्टेशन पर शेखावटी क्षेत्र की हवेलियों में बनी जटिल फ्रेस्को पेंटिंग्स और चित्रकारी होगी।
- एयरपोर्ट-हल्दीघाटी स्टेशन पर लाल पत्थर की नक्काशीदार झरोखे, मारवाड़ी शैली दर्शाएंगे।
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