टैरिफ वार में तपकर शुद्ध सोना 1,04,000 और जेवराती सोना 97,000 रुपए/10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। शुद्ध सोने के बाद 22 कैरेट जेवराती सोना भी एक लाख रुपए की कगार पर है। इस साल 24 कैरेट सोना 32.82% और जेवराती सोना 32.69% महंगा हुआ है।
शुक्रवार को सोने में 500 रुपए प्रति दस ग्राम तेजी रही। इस माह सोना 3 फीसदी चढ़ा है। दिसंबर, 2024 के अंत में 24 कैरेट सोना 78,300 तथा 22 कैरेट सोना 73,100 रु./10 ग्राम था। जनवरी में सोना सबसे ज्यादा 7% चढ़ा। मई में शुद्ध सोना मामूली नीचे रहा, लेकिन जेवराती सोना हर माह महंगा हुआ है। 24 कैरेट सोना 25,700 रुपए तथा 22 कैरेट जेवराती सोना 23,900 रुपए चढ़ चुका है।

जनवरी से अब तक सबसे लंबा तेजी का दौर
24 कैरेट सोने में सबसे लंबी तेजी 8 से 12 अप्रैल तक रही। इस दौरान 24 कैरेट सोना 5,800 रुपए प्रति दस ग्राम महंगा हुआ। जबकि 22 कैरेट सोना 5,500 रुपए प्रति दस ग्राम तक महंगा हुआ।
जनवरी से अब तक सबसे लंबा गिरावट का दौर
- 24 कैरेट सोने में 3 से 8 अप्रैल तक लंबी गिरावट रही। इस दौरान 3,400 रु./10 ग्राम गिरावट रही।
- 22 कैरेट सोने में सबसे लंबी गिरावट का दौर 3 अप्रैल से 8 अप्रैल तक रहा। इस दौरान कीमत 3,300 रुपए प्रति 10 ग्राम घटी।
इसलिए बढ़ रहा सोना
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
- अमेरिकी डॉलर में कमजोरी
- ब्याज दर में कटौती
- कच्चे तेल की कीमत बढ़ना
- जिन निवेशकों ने सही समय पर निवेश किया, उन्हें लाभ हुआ, लेकिन गलत समय पर बाजार में उतरने वालों को नुकसान उठाना पड़ा। कई निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे डिजिटल और कागजी विकल्पों का रुख किया।

आम उपभोक्ता
शादी-ब्याह के लिए सोना खरीदने वाले परिवारों को कीमतों के अनुसार समायोजित करना पड़ा। छोटे आभूषणों पर स्विच किया। कुछ ने कीमतों के गिरने का इंतजार किया।
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