![]()
को अब बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। प्रदेश के बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर और बाड़मेर जिलों का पूरा ईकोसिस्टम तबाह हो रहा है। यहां सोलर प्लांट के लिए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। करीब 26.40 लाख पेड़ काटे जा चुके हैं। इनमें 60% पेड़ बोजड़ी के थे, जो द
भास्कर एक्सपर्ट- आईयूसीपन के सदस्य डॉ. दाऊ लाल बोहरा, सैटेलाइट इमेजरी एक्सपर्ट किशोर कुमावत
भास्कर ने एक्सपर्ट्स की मदद से सैटेलाइट इमेज से करीब 14 हजार एकड़ में फैले सोलर पार्क भड़ाला में काटे गए पेड़ों की संख्या जांची। गूगल अर्थ से 12 सितंबर 2013 की फोटो निकाली। 128 एकड़ क्षेत्र में 16-16 एकड़ के 8 प्लॉट मार्क किए। इन प्लॉट्स में कुल 3187 पेड़ मिले। इस हिसाब से प्रति एकड़ औसत 24.89 पेड़ थे। औसत घनत्व के हिसाब से 14,000 एकड़ में लगभग 3,48,460 पेड़ काटे गए।
7 जगह विरोध बंजर जमीन पर लगें प्लांट, पेड़ न काटे जाएं
- बीकानेर में खेजड़ली की रोही में 378 दिनों से, कलेक्ट्रेट पर 13 दिनों से, भानीपुरा गांव में 8 से 22 जुलाई तक धरना चला। यहां सोलर कंपनी ने काम भी बंद कर रखा है। जोधपुर, नागौर, फलौदी और सांचौर में ऐसा ही।
लाखों पेड़ काटे जा रहे… और जिम्मेदार अब तक सख्त कार्रवाई की तैयारी ही कर रहे हैं
खेजड़ी काटने पर बड़ा जुर्माना लगाएंगे। पेड़ों की कटाई का मुद्दा जड़ से खत्म करने की योजना है। केके विश्नोई, उद्योग राज्य मंत्री
कम से कम पेड़ काटने के निर्देश हैं। काटने की जगह दूसरी जगह शिफ्ट करने को भी कहा है। हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री
Related
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments