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शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। जिला कलेक्टर और एसपी कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर आज भी पानी भरा हुआ है।
हनुमानगढ़ में दूसरे दिन भी पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। शहर के कई निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। जिला कलेक्टर और एसपी कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर आज भी पानी भरा हुआ है। जिला कलेक्टर ऑफिस के सामने अधिकतर दुकानें पानी भरने की वजह से बंद
सीओ सिटी ऑफिस के मुख्य गेट को पिछले एक माह से मिट्टी के थैले लगाकर बंद कर दिया गया है। इसके चलते महीने भर से सीओ ऑफिस आने वाले पीड़ितों को वापस लौटना पड़ रहा है। मुख्य बाजार की अंडर ग्राउंड की कई दुकानों में पानी घुस गया। जिससे दुकानदारों को परेशानी हुई। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी आज भी पानी निकासी नहीं होने से ग्रामीणों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार को जिले भर में हुई बरसात की वजह से कई घर गिर गए। सहजीपुरा के वार्ड नंबर 6 में रहने वाले निवासी रांझा के घर की छत गिर गई थी। घटना के समय कमरे में पूरा परिवार मौजूद था। परिवार में पति रांझा और उसकी पत्नी और दो बच्चे छत के नीचे दब गए थे। आस पड़ोस के लोगों ने सभी को बाहर निकाला। जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसी तरह रावतसर के वार्ड 25 में भी छत गिरने से कैलाश और उसकी बहन ज्योति छत के नीचे दब गए। दोनों की मां मजदूरी करके बच्चों का पालन पोषण करती है। दोनों बच्चे सुरक्षित हैं, जिनका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। तेज बारिश के कारण नजदीकी ग्राम पंचायत दो केएनजे में कमरे की छत गिर गई। मलबे के नीचे दबने से पिता-पुत्र घायल हो गए। दोनों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को मुआवजा दिलवाने की मांग जिला प्रशासन से की है।
ग्राम पंचायत दो केएनजे निवासी सिमरजीत कौर और कुलदीप कौर ने बताया कि दिहाड़ी मजदूरी करने वाला बलवीर सिंह पुत्र अमरीक सिंह अपने परिवार के साथ खेत में ढाणी बनाकर रहता है। अब यह परिवार खुले आसमान में रहने को मजबूर है। बलवीर सिंह के परिवार के पास रहने के लिए अन्य कोई मकान नहीं है। आसपास के लोग इनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने प्रभावित परिवार को मुआवजा दिलवाने की गुहार प्रशासन से की।
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