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इनकम टैक्स रिटर्न में गलती होने का दावा कर खाते खाली कर रहे हैं साइबर ठग।
इन दिनों इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने का समय चल रहा है। इस दौरान कई लोगों को पैन-आधार लिंक करने या टैक्स रिफंड से जुड़े संदेश मिल रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इन संदेशों के बारे में चेतावनी जारी की है।
क्यूआर कोड के जरिए खाता खाली
साइबर क्राइम के एसपी शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग इस मौके का फायदा उठा रहे हैं। वे फर्जी ईमेल, फिशिंग लिंक, नकली वेबसाइट, वॉट्सऐप मैसेज और क्यूआर कोड के जरिए लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं।
गलत आईटीआर दाखिल होने का दावा
साइबर ठगों के नए तरीके काफी एडवांस हैं। वे फर्जी ईमेल भेजकर रिफंड पेंडिंग या गलत आईटीआर दाखिल होने का दावा करते हैं। फिर लिंक पर क्लिक करने को कहते हैं। फिशिंग लिंक के जरिए वे आयकर पोर्टल जैसी नकली साइट पर ले जाकर पैन, आधार, बैंक विवरण और ओटीपी मांगते हैं।
टैक्स स्टेटमेंट, एक खतरनाक फाइल
कुछ ठग मैल वेयर अटैचमेंट के जरिए टैक्स स्टेटमेंट के नाम पर खतरनाक फाइल भेजते हैं। इसे खोलते ही उपयोगकर्ता का डेटा चुरा लिया जाता है। वॉट्सऐप और फेसबुक पर भी फर्जी रिफंड पेज, लोगो और क्यूआर कोड का जाल बिछाया जा रहा है।
सिक्योरिटी ऐप का उपयोग करें
साइबर पुलिस ने सुरक्षा के लिए कुछ सलाह दी है। केवल आधिकारिक आयकर पोर्टल का इस्तेमाल करें। ईमेल भेजने वाले का डोमेन ध्यान से जांचें। भरोसेमंद एंटीवायरस और सिक्योरिटी ऐप का उपयोग करें।
पुलिस ने कुछ चीजों से बचने की भी सलाह दी है। अनजान लिंक पर क्लिक न करें। पैन, आधार, बैंक विवरण या ओटीपी किसी से शेयर न करें। अज्ञात क्यूआर कोड स्कैन न करें।
अगर कोई ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें। हेल्पलाइन नंबर 1930, 9256001930 और 9257510100 पर कॉल करके मदद ले सकते हैं।
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