![]()
रामदेवरा मेले के दौरान जोधपुर मंडल में रेल यात्रा करने वाले जातरुओं के लिए रेलवे प्रशासन ने कड़ी चेतावनी के साथ एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया है कि ट्रेनों की छत पर नहीं बैठें। ऐसा करना कानून का उल्लंघन तो है ही, साथ ही 25 हजार वॉल्ट करंट की लाइनों से
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि अब ट्रेन की छत पर बैठकर यात्रा करना जानलेवा हो सकता है, क्योंकि पूरे मंडल के सभी रेल मार्गों पर इलेक्ट्रिक लाइनों का काम पूरा हो चुका है।
त्रिपाठी के अनुसार, सभी रूट्स पर ओवरहेड इलेक्ट्रिक तार बिछाए गए हैं, जिनमें 25 हजार वॉल्ट का तेज करंट रहता है। ऐसी स्थिति में यदि कोई यात्री ट्रेन या बस की छत पर बैठकर यात्रा करता है या इलेक्ट्रिक तारों के संपर्क में आता है, तो उसे बड़ा हादसा या जान का नुकसान हो सकता है। इससे बचने के लिए रेल यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतें और छत पर बैठकर कभी यात्रा न करें।
आरपीएफ को निर्देश- संयुक्त निगरानी करें
डीआरएम ने आरपीएफ को निर्देश दिया है कि रामदेवरा के लिए चलने वाली सभी ट्रेनों पर खास निगरानी रखी जाए ताकि कोई भी यात्री ट्रेन की छत पर सफर न कर सके। सड़क मार्ग से निजी या सरकारी वाहनों के जरिए मेले में जाने वाले यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि लेवल क्रॉसिंग पार करते समय तारों के प्रति सचेत रहें और किसी भी सूरत में इन तारों के साथ छेड़छाड़ कर वाहन निकालने का प्रयास न करें।
रेलवे अधिनियम के अनुसार अपराध
ट्रेन की छत पर बैठकर यात्रा करना न केवल जानलेवा है, बल्कि रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 156 के तहत दंडनीय अपराध भी है। ऐसा करने पर तीन माह तक की जेल, 500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments