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राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में बुधवार को ‘वॉयसेज़ बिहाइंड द डेटा’ श्रृंखला की शुरुआत हुई।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के उत्तर अंचल ने जयपुर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में बुधवार को ‘वॉयसेज़ बिहाइंड द डेटा’ श्रृंखला की शुरुआत हुई।

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कार्यक्रम में उत्तर अंचल के लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान से प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें NSS के वरिष्ठ अधिकारी, DES के अधिकारी, शिक्षाविद और छात्र मौजूद रहे। साथ ही औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि, RWA सदस्य और NSS के सेवानिवृत्त अधिकारी भी शामिल हुए।

डॉ. हरदीप सिंह चोपड़ा ने स्वागत भाषण दिया। चंद्रमणि शर्मा ने कार्यक्रम का परिचय दिया। महानिदेशक गीता सिंह राठौर मुख्य अतिथि थीं।

डॉ. हरदीप सिंह चोपड़ा ने स्वागत भाषण दिया। चंद्रमणि शर्मा ने कार्यक्रम का परिचय दिया। महानिदेशक गीता सिंह राठौर मुख्य अतिथि थीं।

डॉ. हरदीप सिंह चोपड़ा ने स्वागत भाषण दिया। चंद्रमणि शर्मा ने कार्यक्रम का परिचय दिया। महानिदेशक गीता सिंह राठौर मुख्य अतिथि थीं।

कार्यक्रम में NSS के डिजिटल परिवर्तन पर चर्चा हुई। हैंडहेल्ड डिवाइस और रियल-टाइम डैशबोर्ड की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। फील्ड स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा गया। विश्वसनीय आंकड़ों के लिए नियमित प्रशिक्षण पर जोर दिया गया।

विकसित भारत 2047 में NSS की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। सर्वेक्षण कार्य की चुनौतियों को भी रेखांकित किया गया। दूरदराज के गांवों में जाना, लोगों का विश्वास जीतना और सटीक जानकारी एकत्र करना इसमें शामिल है। यह कार्यक्रम NSS के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, विषयगत व्याख्यान, NSS पर कविता, और फील्ड अनुभवों पर आधारित विशेष क्षेत्रीय ई-मैगज़ीन का विमोचन हुआ। फील्ड स्टाफ की कहानियों और अनुभवों ने डेटा संकलन के मानवीय पहलू को उजागर किया, जबकि नुक्कड़ नाटक और छात्र भाषणों ने समारोह को और जीवंत बना दिया।

कार्यक्रम में NSS के डिजिटल परिवर्तन पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में NSS के डिजिटल परिवर्तन पर चर्चा हुई।

डेटा-आधारित निर्णय-निर्माण:

इस पैनल में एमिटी विश्वविद्यालय और एमएनआईटी, जयपुर, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, अजमेर तथा जन आधार प्राधिकरण, राजस्थान सरकार के प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने प्रभावी नीतिनिर्माण और निर्णय-निर्माण में डेटा के महत्व तथा NSS डेटा की उपयोगिता पर चर्चा की।

NSS सर्वेक्षणों में सूचनादाताओं का दृष्टिकोण:

इस पैनल में विभिन्न सर्वेक्षणों के सूचनादाता शामिल हुए। उन्होंने फील्ड स्तर पर डेटा संकलन के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनके महत्व पर विचार-विमर्श किया। पैनल ने इन चुनौतियों का समाधान करने के उपाय सुझाए।

वर्तमान संदर्भ में ज़ोनल कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय एवं उप-क्षेत्रीय कार्यालयों की भूमिका:

इस पैनल में ZO, RO और SRO के ISS अधिकारी शामिल हुए, जिन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं और भूमिकाओं पर चर्चा की। इन चर्चाओं ने डेटा गुणवत्ता को सुदृढ़ करने, सूचनादाताओं के सहयोग के महत्व, और डिजिटल युग में सांख्यिकीय कार्यालयों की बदलती भूमिका पर मूल्यवान दृष्टिकोण प्रदान किए। इंटरेक्टिव सत्र, क्विज और ज्ञान-साझाकरण गतिविधियों ने कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया।



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