नागौर में जोधपुर रोड पर बने मानासर रेलवे ओवरब्रिज पर आवागमन बंद हुए 12 दिन से ज्यादा बीत चुके हैं। मानासर रेलवे ओवरब्रिज पर ट्रैफिक बंद होने के बाद मरम्मत के काम में तेजी आई है। टूटे हुए हिस्से में सरिए-कॉन्क्रीट भरने का काम पूरा हो चुका है। पेचवर्क
नागौर से जोधपुर हाईवे पर बने मानासर ओवरब्रिज पर ट्रैफिक बंद होने के बाद रोजाना जोधपुर आने-जाने वाले करीब 5 हजार छोटे-बड़े वाहनों को बासनी पुलिया होकर जाना पड़ रहा है। 1 किमी. का सफर पूरा करने के लिए फिलहाल 3 किमी. की दूरी तय करनी पड़ रही है। 3 जुलाई को पहले से विवादित मानासर पुलिया पर एक हिस्से की रोड टूट गई थी। इस डैमेज हिस्से का मलबा नीचे गिरने से पुलिया के नीचे से गुजरने वाले राहगीरों पर भी खतरा हो गया था।
मानासर पुलिया के एक हिस्से में रोड उखड़ने से सरिए बाहर निकल आए थे। उल्लेखनीय है कि मानासर फाटक पर बनाया गया रेलवे ओवर ब्रिज डेढ़ साल बाद ही डैमेज (क्षतिग्रस्त) हो गया। गत 10 अगस्त को सांसद हनुमान बेनीवाल ने डैमेज हिस्से का निरीक्षण कर नाराजगी जताई थी। उसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी हरकत में आए।
एनएच के एक्सईएन दीपक परिहार ने बताया-

ट्रैफिक बंद होने के बाद दिल्ली से सीआरआरआई की टीम ने निरीक्षण किया था। अब 21 दिन के बाद मानासर ओवरब्रिज पर ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा।

हालांकि मानासर आरओबी की डिजाइन को लेकर निर्माण के पहले दिन से ही सवाल खड़े हो गए थे। अब इसकी बिल्ड क्वालिटी भी संदेह के घेरे में है। मात्र 20 महीने में आरओबी की आरसीसी का एक हिस्सा गिरने से सड़क के बीच बड़ा छेद हो गया। एनएच के अधिकारियों ने डेढ़ महीने तक बेरिकेडिंग कर क्षतिग्रस्त हुए भाग पर यातायात बंद करवा दिया था। इस आरओबी पर अक्टूबर 2023 में यातायात चालू किया गया था। अभी पूरे 2 साल भी नहीं हुए और आरओबी का एक हिस्सा डैमेज हो गया।
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