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बांसवाड़ा के गांगड़तलाई में अतिक्रमण नहीं हटाने पर 18 सितंबर को ग्रामीणों ने चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि 95 फीसदी अतिक्रमण हटा दिया गया है, लेकिन 5 फीसदी क
साथ ही बताया कि गांगड़तलाई मुख्य मार्ग पर चौरड़ी से मोनाडुंगर तक सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से चल रहा है। हालांकि, इस कार्य में गांगड़तलाई गांव की मुख्य सड़क एवं गांगड़तलाई झेर की मुख्य सड़क का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
नोटिस के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़क मार्ग में अतिक्रमण की वजह से करीब 4-5 माह पूर्व तहसीलदार गांगड़तलाई को अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र लिखा था।
तहसीलदार ललितपाल सिंघाड़ा ने इस पर संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किए थे। 16 जुलाई को प्रशासन द्वारा गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, जिसमें लगभग 95 प्रतिशत ग्रामीणों ने उसी दिन स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लिया। वहीं, शेष 5 प्रतिशत लोगों ने अब तक अतिक्रमण नहीं हटाया है।
कई मकानों का भी अतिक्रमण था, जिनमें से अधिकांश लोगों ने निर्माण हटाकर नया निर्माण कर लिया है। बाकी बचे अतिक्रमणकर्ताओं को भी तहसीलदार द्वारा समय दिया गया था, परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अतिक्रमण हटाने के दौरान नालियां टूटी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के दौरान पहले से बनी नालियां टूट गईं, जिससे गांव का गंदा पानी लोगों के घरों के सामने इकट्ठा हो रहा है। इससे गांव में बीमारियाँ फैल रही हैं और रास्तों पर चलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने इस समस्या के संबंध में तहसीलदार, उपखंड अधिकारी बागीदोरा, और PWD अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपा था ज्ञापन 1 सितंबर को ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें जल्द कार्रवाई की मांग की गई। तहसीलदार ने आश्वासन दिया था कि अतिक्रमण हटाकर शीघ्र सड़क और नाली निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। 4 सितंबर को राजस्व विभाग और PWD की टीम गांव पहुंची, जहां तहसीलदार ने शेष अतिक्रमणकारियों को 5 दिन का अंतिम समय दिया। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सभी अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटाए जाते, तब तक सड़क व नाली निर्माण कार्य संभव नहीं है। निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इसी के चलते ग्रामवासियों ने सामूहिक निर्णय लिया है कि वे आने वाले दिनों में सड़क जाम करेंगे। यदि इस आंदोलन के दौरान किसी प्रकार की क्षति होती है तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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