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मालवीय नगर के पॉश इलाके में स्थित गौरव टॉवर में वाहन पार्किंग के दौरान लोगों से अवैध वसूली की जा रही है। पिछले एक साल से ग्रेटर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। यहां वाहन पार्क करने वाले लोगों से प्राइवेट लोग 40 रुपए तक अवैध वसूल रहे ह
चौपहिया वाहन के लिए शुरुआती तीन घंटे के 20 रुपए निर्धारित है, मगर वाहन पार्क करने वाले लोगों से 40 रुपए वसूल रहे हैं। जबकि इन पर्चियों पर 3 घंटे दुपहिया वाहन पार्किंग के 10 और चौपहिया वाहन के लिए 20 रुपए दर लिखी हुई है। अवैध वसूली की जानकारी होने के बावजूद निगम अधिकारी आंखें मूंदकर बैठे हैं। अवैध वसूली करने वालों इन लोगों ने निगम के नाम की फर्जी रसीदें प्रिंट करवा रखी है। वाहन पार्क करने वाले लोगों से राशि वसूलने के बाद फर्जी रसीदें ही थमाई जा रही हैं।
निगम अधिकारियों ने दाे साल पहले 90 लाख रुपए का टेंडर जारी किया, जो एक साल पहले खत्म हाे गया। तब से निजी लोगों के भरोसे ही पार्किंग व्यवस्था चल रही है। जबकि पार्किंग का ठेका खत्म होने के बाद निगम को अपने स्तर पर पार्किंग का संचालन करना था। पार्किंग से आने वाली राशि निगम में जमा करानी थी, लेकिन अधिकारियों ने प्राइवेट लोगों के भरोसे यह काम छोड़ दिया। पिछले एक साल से यहां अवैध वसूली की जा रही। वाहन पार्किंग करने वाले लोग विरोध करते हैं तो ये लोग झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं।
निगम कोष में रोज जमा होने थे 44 हजार, हो रहे 14 हजार निगम ने फरवरी में गौरव टॉवर पर 1 करोड़ 58 हजार रुपए में पार्किंग ठेका जारी किया था। इस हिसाब से हर दिन न्यूनतम करीब 44 हजार रुपए राजस्व कोष में जमा होने चाहिए। वर्तमान में रोज सिर्फ 14 हजार रुपए ही कोष में जमा हो रहे। करीब 30 हजार रुपए प्रतिदिन अवैध वसूली की जा रही है। यह राशि निगम अधिकारियों-कर्मचारियों और अवैध वसूली करने वाले लोगों में बंट रही।
हर दिन 3 हजार वाहनों से 45 हजार की अवैध वसूली गौरव टॉवर के चारों तरफ निगम ने पार्किंग निर्धारित कर रखी है। रोजाना करीब 2500 वाहनों पार्क हो रहे। इसमें एक हजार दुपहिया और 1500 चौपहिया वाहन हैं। इनसे निर्धारित शुल्क के हिसाब से हर दिन करीब 45 हजार रुपए का राजस्व आ रहा है। निर्धारित राशि से दुगुनी वसूलने पर यह राशि करीब 90 हजार होती है। रोज 45 हजार रुपए अवैध वसूली हाे रही है।
“8 माह पहले गौरव टॉवर की पार्किंग का टेंडर किया था, लेकिन मामला कोर्ट में जाने की वजह से कार्रवाई नहीं कर सके। पार्किंग का काम अब निगम अधिकारियों की ओर से संचालित किया जाएगा। इसमें कोई गड़बड़ी होती है तो जिम्मेदारी मालवीय नगर जोन डीसी की है।”
-मनोज वर्मा, डीसी राजस्व, ग्रेटर निगम
“पार्किंग का टेंडर मुख्यालय के अधिकारी करते हैं। इसमें जोन डीसी का कोई लेना-देना नहीं है।” -प्रियवृत सिंह चारण, जोन डीसी, मालवीय नगर
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