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उदयपुर के सांसद डॉ मन्नालाल रावत ने देश के अनेक भागों में एक सुनियोजित साजिश के तहत फैल रहे धर्मान्तरण के मामले को मंगलवार को संसद में उठाया और इसके लिए पूरे देश के लिए एक कानून बनाने की मांग की। सांसद ने कहा कि धर्मान्तरण गैंग के कारण ही छांगुर बाबा
सांसद डॉ रावत ने आज संसद में नियम 377 के अधीन सूचना के तहत कहा कि आज देश के कई भागों में सुनियोजित रूप से उद्योग चलाकर अवैध धर्मांतरण की गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जो न केवल राष्ट्रीय ताने-बाने को तोड़ने का कृत्य हैं, अपितु यह राष्ट्रांतरण की सुविचारित अराष्ट्रीय रचना भी कहलाती है। यह अवैधानिक कृत्य, धर्मनिरपेक्ष भावना की आड़ में राष्ट्रविरोधी एजेंडा बनता जा रहा है। वर्तमान में 12 राज्यों में कानून हैं परन्तु कमजोर है जिसके कारण धर्मान्तरण गैंग सुनियोजित तरीके से अपने कृत्य को अंजाम दे रही है।
सांसद के मुद्दे की प्रमुख बाते
- सांसद रावत ने कहा कि देश के 16 राज्यों में अभी तक धर्मान्तरण को लेकर कोई कानून नहीं है। कुछ राज्य राजनीतिक कारणों से इस गंभीर विषय पर उदासीन बने हुए हैं। अवैध धर्मांतरण केवल हमारी अस्मिता ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी गंभीर प्रश्न है। इसमें कट्टरपंथी, एवांजलिकल व ग्लोबल आतंकी नेटवर्क की सुनियोजित आपराधिक संलिप्तता भी पाई जा रही है, जो देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
- सांसद ने सरकार से आग्रह किया कि एक राष्ट्र, एक कानून की दृष्टि से अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए एक सख्त केंद्रीय कानून संसद में लाया जाए, ताकि इस राष्ट्रीय चुनौती का समाधान एकीकृत रूप में हो सके।
- रावत ने कहा कि ठोस कानून नहीं होने के कारण छांगुर बाबा जैसे लोग, धर्मांतरित लोगों के ही कट्टरपंथी संगठन बना कर धर्मांतरण का बड़ा षड्यंत्र पनपा रहे हैं। धर्मान्तरण गैंग किस कदर देश में हावी है और अपने काम को अंजाम दे रही है इसका साफ उदाहरण हाल ही पकडा गया छांगुर बाबा है।
- सांसद डॉ रावत ने कहा कि धर्मान्तरण गैंग की अन्तर्राष्ट्रीय साजिश की योजना आदिवासी इलाकों में भी चल रही है जो उन्हें विभिन्न नकद प्रलोभन देकर हिंदू आदिवासियों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। आदिवासी क्षेत्रों में भी ऐसी गैंग को पकडा गया है, लेकिन राजनीति संरक्षण के चलते इनकी गतिविधियां अभी भी जारी है।
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