प्रदर्शन कर रहे लोगों से डीएसपी ने कहा- रात एक बजे रिपोर्ट सौंपी है… 24 घंटे भी नहीं हुए हैं। हम पूरी कार्रवाई कर रहे हैं।
जालोर में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर डीएसपी गौतम जैन भड़क गए। उन्होंने कहा- बकवास करने की जरूरत नहीं है, हम टाइम पास नहीं कर रहे। सड़क जाम करोगे तो मुकदमा लोगे। मामला बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के मांडवला गांव का सोमवार का है।
दरअसल, रविवार को गांव में ट्रैक्टर ड्राइवर सांवलाराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ड्राइवर के पिता हीराराम ने रविवार देर रात थाने में FIR दी, जिसमें बजरी माफिया पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया है।
सोमवार दोपहर लोग मांडवला के सरकारी हॉस्पिटल के बाहर शव उठाने से इनकार कर दिया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सांवलाराम के छोटे भाई गणपत चौधरी ने रास्ता जाम करने की चेतावनी दी।
वहां मौजूद डीएसपी गौतम जैन ने कहा- अगर ज्यादा करोगे तो मुकदमा लोगे। कल को कहोगे कि हमें मुल्जिम सौंप दो… यह बच्चों का खेल नहीं है। हम कार्रवाई कर रहे हैं।

डीएसपी से विवाद के बाद एएसपी मोटाराम समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने समझाइश की, जिसके बाद धरना- प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

लोगों ने डीएसपी से आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की थी।
पिता बोले- 2 महीने पहले बजरी माफिया से विवाद हुआ था FIR में हीराराम ने बताया कि बेटे सांवलाराम से करीब 2 महीने पहले अवैध बजरी का काम करने वाले शम्भू सिंह, पप्पूसिंह से गाड़ी को साइड की बात पर कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ा तो दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी।
सांवलाराम पानी का टैंकर चलाता था। 21 सितंबर को वह टैंकर भरने के लिए मांडवला से नरवाई के लिए गया था। वापसी के दौरान गौशाला के सामने पहुंचा ही था कि पीसाराम भील, केवाराम भील, पप्पू सिंह, शम्भू सिंह समेत अन्य 3 लोग बाइकों पर आए। उन्होंने मेरे बेटे के साथ मारपीट की।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा- ट्रैक्टर से कुचल दिया प्रत्यक्षदर्शी नेमाराम और कपूराराम ने बताया- आरोपियों ने सांवलाराम पर लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी से वार किए थे। हम गौशाला में काम कर रहे थे, जब चिल्लाने की आवाज आई तो दीवार के ऊपर से देखा, जहां पीसाराम कुल्हाड़ी से सांवलाराम पर हमला कर रहा था।
इसी दौरान केवाराम भील लोहे की रॉड से मारपीट कर रहा था। शम्भू सिंह भी कुल्हाड़ी लेकर खड़ा था। आरोपियों ने सांवलाराम को घायल हालत में उठाकर उसी के ट्रैक्टर के सामने रखकर उसी से कुचल दिया। नेमाराम और कपूराराम दौड़कर सांवलाराम को बचाने के लिए दौड़े, जिन्हें देखकर आरोपी फरार हो गए।

समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया और शव ले लिया।
मामले में नामजद आरोपी हिरासत में पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों को रविवार को ही हिरासत में ले लिया था। हालांकि परिजनों ने मामले का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर बाजार को बंद रख प्रदर्शन किया था।
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