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राजस्थान में एक तरफ जहरीली कफ सिरप से मौतों का सिलसिला जारी है, तो दूसरी तरफ सरकारी अस्पताल में लगी आग में जलकर मरने वालों का असली आंकड़ा छुपाया जा रहा है। यह गंभीर आरोप विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बुधवार को भरतपुर में लगाए। उन्होंने
अगर राजनीति करनी है, तो पार्टी बनाकर मैदान में आएं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सीएम का गृह जिला भरतपुर है, गृह राज्य मंत्री भी यहीं से हैं, लेकिन भरतपुर क्राइम चार्ट में नंबर-1 पर है। यहां अवैध खनन और बजरी का धंधा खुलेआम चल रहा है। टीकाराम जूली ने कहा चीफ जस्टिस के ऊपर जूता उछाला जा रहा है। अगर कांग्रेस राज में यह जूता उछल जाता तो, बीजेपी चुप रहती क्या। जूता उछालने वाला व्यक्ति कहता है की मैंने सही किया। वह सनातन धर्म की बात करता है हम भी सनातनी हैं। इसलिए मैं कहना चाहूंगा की पहले सनातन को पढ़ लें, उसके बाद सनातन का नाम लें। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिर्राज प्रसाद तिवारी को श्रद्धांजलि देने के लिए आए थे।
जूली ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि सीएम हेलिकॉप्टर पकड़कर दिल्ली के दौरे पर चले जाते हैं। जितना वक्त वे दिल्ली में बिताते हैं, अगर उतना ही राजस्थान के गांव-शहरों में बिताते तो जनता को राहत मिलती। उन्होंने सरकार के सेवा पखवाड़े पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर 15 दिन का पखवाड़ा मना रहे हैं। यह पखवाड़ा जर्जर स्कूलों और अस्पतालों को सुधारने के लिए समर्पित करते तो बेहतर होता। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने एंटी गैंगस्टर फोर्स बनाई, लेकिन हनुमानगढ़, गंगानगर, डीडवाना-कुचामन, जयपुर, भिवाड़ी में हालात बदतर हैं। अपराध दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
खांसी के सिरप को लेकर जूली ने सरकार को घेरा:- उन्होंने कहा कि जब तमिलनाडु, पंजाब और दिल्ली ने इस दवा पर बैन लगा दिया, तो राजस्थान सरकार को इसमें क्या रोक रहा है। इस दवा में DEG नाम का जहरीला केमिकल है। ब्लैक लिस्टेड कंपनी से दवाएं खरीदी गईं, जिसे वापस नहीं मंगवाया गया। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता की जान से खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज होना चाहिए।
एसएमएस हादसा: सीएम के दौरे पर पीड़ित भगाए, सबूत मिटाए… नेता प्रतिपक्ष जूली ने 6 अक्टूबर की रात जयपुर में हुए एसएमएस अस्पताल अग्निकांड का जिक्र करते हुए कहा कि इस हादसे में सरकार ने लोगों की जान बचाने की बजाय सबूत मिटाने में ताकत लगा दी। जब सीएम रात को अस्पताल पहुंचे, तो पीड़ित परिवारों को भगा दिया गया। अस्पताल की धुलाई करवा दी गई। उन्होंने चुनौती दी कि अगर सरकार की बात पर यकीन नहीं, तो दोनों आईसीयू के मरीजों की डिटेल निकलवा लो। आने वाले एक हफ्ते में जो भी मौतें होंगी, वो इसी हादसे से जुड़ी होंगी।
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