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3 महीने की तनख्वाह नहीं मिलने से नाराज सफाई कर्मचारी महिलाएं नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी करती हुई।

डीग जिले के कामां कस्बे में तीसरे दिन भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। इसके कारण कस्बे में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। सफाई कर्मचारियों को तीन महीने की तनख्वाह नहीं मिली है। जिसके कारण सभी में काफी रोष है। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि जब

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नगर पालिका में हो रहा भ्र्ष्टाचार

सफाई कर्मचारी रमेश ने बताया की सभी कर्मचारी शुक्रवार के दिन हड़ताल पर गए थे। जब से हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई है। तीन दिन से हमारे पास कोई भी नगर पालिका का अधिकारी नहीं आया है। रक्षाबंधन का त्यौहार निकल जाने के बाद भी हमें तनख्वाह नहीं दी गई है। हमें सिर्फ 6 हजार 5 सौ रुपये दिए जाते हैं। जबकि कई जगह सफाई कर्मचारियों की 10 हजार या उससे ज्यादा तनख्वाह है। नगर पालिका में भ्रष्टाचार का माहौल है। हमारी 6500 रुपए तनख्वाह आती है उसमें से हमसे 1 हजार रुपए वापस ले लिए जाते हैं। अगर हम ठेकेदारों के विरोध करते हैं तो, वह हमें काम से निकालने की धमकी देते हैं।

सफाई कर्मचारियों रैली निकालकर किया नगर पालिका के अधिकारियों का विरोध।

सफाई कर्मचारियों रैली निकालकर किया नगर पालिका के अधिकारियों का विरोध।

सरकार से 80 की तनख्वाह लेकर 50 सफाई कर्मचारी लगाए

सफाई कर्मचारी रेखा ने बताया कि नगर पालिका क्लर्क दिलीप मनमाने तरीके से लोगों को सफाई करने पर लगाता है। अब हमारी मांग है कि हमें 12 हजार रुपये तनख्वाह दी जाए नहीं तो, कस्बे की सफाई नहीं होगी। हम लगातार हड़ताल पर रहेंगे। नगर पालिका के अधिकारियों से बात करते हैं तो, वह हमेशा आश्वाशन देते हैं। करीब 50 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जबकि सरकार से नगर पालिका 80 कर्मचारियों की सैलेरी लेती है। हमारी सरकार से मांग है कि हमें तनख्वाह दी जाए जिससे हम भी अपने परिवार का पालन कर सकें।

कस्बे में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर।

कस्बे में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर।



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