चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध श्री सांवलिया जी मंदिर में इन दिनों एक अनोखी भेंट की चर्चा हो रही है। यहां मेवाड़ के मेनार गांव निवासी और भारतीय सेना में कार्यरत फौजी अजय मेनारिया ने अपने आराध्य सांवरा सेठ को चांदी से बनी AK-47 राइफल चढ़ाई है। यह भेंट उ
2023 में हुआ था चयन, 2024 में की ट्रेनिंग पूरी
अजय मेनारिया ने बताया कि उन्होंने अग्निवीर भर्ती परीक्षा अप्रैल 2023 में दी थी। उन्होंने परीक्षा से पहले सांवरा सेठ से प्रार्थना की थी कि अगर वे फौज में भर्ती हो जाएंगे, तो वह मंदिर में कोई खास भेंट चढ़ाएंगे। इसके बाद जुलाई 2023 में परीक्षा का रिजल्ट आया और उनका सिलेक्शन हो गया। जुलाई में ही रनिंग टेस्ट हुआ, जिसमें भी उन्होंने सफलता हासिल की। फिर सितंबर में मेरिट लिस्ट जारी हुई और नवंबर से ट्रेनिंग शुरू हो गई, जो जून 2024 तक चली। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अजय की पोस्टिंग दिल्ली में हुई।

गांव लौटने के बाद अपनी मन्नत की पूरी।
अजय मेनारिया अब जब छुट्टियों में अपने गांव लौटे, तो उन्होंने सबसे पहले अपनी मन्नत पूरी करने का फैसला लिया। इसके लिए वे शुक्रवार को अपने परिवार और दो फौजी दोस्तों तरण मेनारिया और भरत मेनारिया के साथ सांवलिया जी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने 327 ग्राम चांदी से बनी AK-47 राइफल को सांवरा सेठ के चरणों में अर्पित किया।
एडवेंचर और अनुशासन पसंद था, इसलिए ज्वाइन की सेना
अजय ने बताया कि उन्होंने B.Sc. की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही यह निश्चय कर लिया था कि उन्हें जीवन में कुछ अलग करना है। उन्हें एडवेंचर और अनुशासन पसंद था, इसलिए उन्होंने सेना में जाने का सपना देखा। जब उन्होंने अग्निवीर योजना के तहत फौज में भर्ती की तैयारी शुरू की, तब उन्होंने दिल से सांवरा सेठ से प्रार्थना की कि अगर उनका चयन हो जाए, तो वे कोई खास भेंट लेकर आएंगे। अजय की यह मन्नत अब पूरी हो गई, इसलिए उन्होंने अपने वचन को निभाते हुए सांवलिया जी को यह अनोखी चांदी की राइफल अर्पित की।
सांवरा सेठ के भक्तों के बीच मन्नत पूरी होने पर अनोखी भेंट चढ़ाने की लंबी परंपरा रही है। कोई मकान का नक्शा भेंट करता है, तो कोई अपने व्यवसाय या जीवन से जुड़ी खास सामान। अब इस कड़ी में चांदी की AK-47 भी शामिल हो गई है।

परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचे सांवरा सेठ के दरबार में।
आकर्षण केंद्र बनी AK-47 राइफल
मंदिर परिसर में उपस्थित लोगों के लिए यह भेंट आकर्षण का केंद्र बनी रही। जब अजय मेनारिया ने यह राइफल सांवरा सेठ को अर्पित की, तो कई श्रद्धालु इसे देखकर चौंक गए। चांदी की यह राइफल बेहद सुंदर और कलात्मक ढंग से तैयार की गई थी। अजय ने बताया कि यह राइफल करीब 327 ग्राम चांदी से बनाई गई है, और इसे खासतौर पर मन्नत पूरी होने की निशानी के रूप में तैयार करवाया गया था।
सांवरा सेठ के मंदिर में रोजाना हजारों भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। यहां भक्त अपनी-अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए मन्नत मांगते हैं और जब वह पूरी होती है, तो धन्यवाद स्वरूप कुछ न कुछ अर्पित करते हैं। अजय मेनारिया की यह अनोखी भेंट इस बात का प्रमाण है कि सांवरा सेठ में लोगों की गहरी आस्था है।
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