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जेल से पैरोल पर बाहर तस्कर ने कनाना से बजरी भरकर आ रहे डंपर ड्राइवर व मालिकों से फर्जी अधिकारी बनकर रौब दिखाते हुए अवैध वसूली करते बालोतरा जिले की डीएसटी टीम ने दबोच लिया। अल्टो कार में शीशे के आगे पुलिस लिखा प्लेट लगा रखी थी। आरोपी दो साल पहले डोली
आरोपी ने शुक्रवार शाम को 8 से लेकर देर रात 1 बजे तक धमाचौकड़ी मचाई। अल्टो कार में शीशे के आगे पुलिस लिखा हुआ प्लेट लगाकर वह कनाना से बजरी भरकर आने वाले डंपर की जांच करने लगा। उमरलाई से पारलू व जेठंतरी रास्ते के बीच करीब आधा दर्जन वाहनों को रुकवाकर चालकों से रवन्ना मांगकर जांच करता रहा। साथ ही उन्हें व वाहन मालिकों से मोबाइल पर बात कर खुद को बालोतरा एसपी तो कइयों को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का अध्यक्ष बताता रहा। बीच रास्ते में अचानक वाहनों की जांच करने की जानकारी एक के बाद वाहन संचालकों तक पहुंची तो उन्होंने छानबीन की तो आरोपी पर संदेह हुआ।
फर्जी अधिकारी बनकर पुलिस नाम का दुरुपयोग कर वसूली का प्रयास
आरोपी ने डंपर ड्राइवरों से रुपए भी मांगे, लेकिन इसी दरम्यान पुलिस को सूचना देने पर तुरंत ही मौके पर पहुंची डीएसटी टीम ने आरोपी को समदड़ी रोड पर हिरासत में ले लिया। इसे बालोतरा थाना लाकर पूछताछ की तो सारा माजरा सामने आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी रमेश कुमार ने बालोतरा थाना पहुंचकर आरोपी से पूछताछ की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ फर्जी अधिकारी बनकर पुलिस नाम का दुरुपयोग कर अवैध वसूली का प्रयास करने पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। वहीं आरोपी को न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की वर्दी व कैंप के साथ तस्करी करते दो साल पहले पकड़ा था
आरोपी दिनेशसिंह कल्याणपुर थाना क्षेत्र के डोली राजगुरा गांव का निवासी है, जो अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त है। करीब दो साल पहले वह चित्तौड़गढ़ से अफीम का दूध व अवैध डोडा-पोस्त की खेप लेकर आ रहा था। जोधपुर कमिश्नरेट की डीएसटी टीम सहित पुलिस ने इसका पीछा किया तो चार-पांच जगह पर नाकाबंदी तोड़कर भागते हुए डोली टोल प्लाजा तक पहुंच गया। जहां सूचना पर जिले की कल्याणपुर पुलिस ने नाकाबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। तलाशी लेने पर थार गाड़ी से अवैध डोडा-पोस्त, अफीम का दूध व हथियार बरामद किया गया।
वहीं गाड़ी से पुलिस की वर्दी व कैप भी बरामद की गई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त था, जो खेप लाने के दौरान कभी पुलिस तो अन्य महकमों का अधिकारी बताकर गाड़ी के आगे विभाग की प्लेट लगाकर निकल जाता था। वहीं कभी साधु का वेश धारण कर गाड़ी में मालाएं, धार्मिक पुस्तकें रखकर तस्करी करता था।
डंपर ड्राइवर को कार्रवाई का डर बताकर मांगे 10 हजार रुपए
शुक्रवार रात को बजरी से भरे वाहनों को रुकवाने की सूचना मिलने पर डंपर संचालकों में एकबारगी असमजंस की स्थिति पैदा हो गई, लेकिन आरोपी ने मोबाइल से बात करने के दौरान किसी को एसपी तो किसी को टास्क फोर्स का अध्यक्ष बताया तो उन्हें संदेह हो गया। इस पर दो-तीन डंपर संचालकों ने आरोपी को फोन लगाकर उनसे मिलने की बात कही तो आरोपी ने उन्हें मेगा हाइवे पर पचपदरा बायपास के समीप बुलाया। जहां एक युवक ने उससे बात की तो आरोपी ने पहले तो उसे कार्रवाई का डर बताया, लेकिन बाद में 10 हजार रुपए देने की डिमांड की। हालांकि डंपर संचालकों को फर्जी पुलिस होने का पता पहले ही चल गया था। इस पर पुलिस को इत्तला दे दी। वहीं आरोपी को कुछ देर बाद में रुपए लाकर मिलने का बोला। इस दरम्यान पुलिस ने आरोपी को समदड़ी रोड से डिटेन में ले लिया।
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