सूरतगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत पालीवाला के चक 1LLP में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण में गुणवत्ता और लेवल की खामियों को लेकर ग्रामीणों का छह दिनों तक चला अनिश्चितकालीन धरना सोमवार शाम को सड़क उखाड़े जाने के बाद समाप्त हो गया। इसे लेकर ग्रामीणों ने पंचा

जेसीबी की मदद से इंटरलॉकिंग को तोड़ा गया।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में जल निकासी और लेवल की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की थी। मगर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। इसके चलते छह दिन से महिलाएं और पुरुष धरने पर बैठे थे। रविवार सुबह को पंचायत मुख्यालय पर तालाबंदी के बाद दो ग्रामीण टंकी पर चढ़ गए। जिला परिषद के सीईओ गिरधर के आदेश पर जल निकासी सुधार की मांग को लेकर प्रशासन सक्रिय हुआ। श्री विजयनगर उपखंड अधिकारी शकुंतला चौधरी, तहसीलदार कुलदीप कस्वां, सदर सीआई रामकुमार लेघा, बीडीओ मेजर अली, एईएन हरिकृष्ण सिहाग, वीडीओ अमर सिंह स्वामी और पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात रहा।
जिला कलेक्टर ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया, जिसमें अधीक्षण अभियंता भीम सेन स्वामी, सहायक अभियंता प्रदीप कुमार, महेश सैनी, साहिल पुनिया और कनिष्ठ अभियंता वैशाली सैनी शामिल थे। कमेटी ने ऑटो लेवल मशीन से सड़क की जांच की, जिसमें लेवल असमान और जल निकासी की समस्या पाई गई।

33 घंटे बाद टंकी से नीचे उतरे ग्रामीण।
उपखंड अधिकारी शकुंतला चौधरी ने बीडीओ मेजर अली को चार जेसीबी से इंटरलॉकिंग ब्लॉक हटाने और लेवल सुधारकर पुनर्निर्माण के निर्देश दिए। शाम 5 बजे तक इंटरलॉकिंग सड़कों के ब्लॉक हटाए गए।
बीडीओ ने पूर्व विधायक राजेंद्र भादू, किसान बलराम वर्मा, पूर्व सरपंच भागीरथ और राजेंद्र माहर सहित ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि दो सड़कों (2.20 लाख और 10 लाख रुपए लागत) का निर्माण जल्द पूरा होगा। जिला परिषद श्रीगंगानगर की तकनीकी टीम सोमवार को मौके पर पहुंची और सड़क का लेवल सुधारने का कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की शिकायत के निस्तारण के बाद धरना समाप्त हुआ और टंकी पर चढ़े दोनों ग्रामीण उतर आए।
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