टोंक जैन नसिया से गए तीर्थ यात्रियों ने जैन तीर्थ सम्मेद शिखर जी पर्वत की परिक्रमा पूरी कर मंगल कामना की ।
पदमपुरा पदयात्रा संघ गौरव यात्रा के तत्वाधान में जैन नसिया से करीब एक सप्ताह पहले सम्मेद शिखरजी गए करीब साढ़े ग्यारह सौ तीर्थ यात्रियों ने शनिवार को 27 किलोमीटर की सामूहिक चरण वंदना पहाड़ पर चढ़कर पूर्ण कर ली है। खास बात यह है कि इस तीर्थ यात्रा में क

इस तीर्थ यात्रा में बच्चे भी शामिल हुए और परिक्रमा की ।
बोले- कण-कण पूजनीय
इस गौरव यात्रा के संदीप देवली व सुनिल एनसीडेक्स ने बताया कि सम्मेद शिखरजी की पर्वत वंदना के लिए सुबह चढ़ाई करनी पढ़ती है, उनकी वापसी शाम तक 5 से 6 बजे तक होती है। सम्मेद शिखरजी सिद्ध क्षेत्र से 24 में से 20 तीर्थंकर भगवान और करोड़ों मुनि मोक्ष गए हैं। वहां का एक-एक कण पूजनीय हैं। ऐसा मानना है कि जो तीर्थ यात्री एक बार सम्मेद शिखरजी शुद्ध भाव से वंदना कर लेता है उसे कभी नरक नहीं मिलता है।
संघ के हुकम चंद और विनोद दाई वाले ने बताया की सम्मेद शिखरजी में आचार्य, मुनी एवं आर्यिका सहित 180 मुनिराज सम्मेद शिखरजी में विराजमान है । जिनका सभी तीर्थ यात्रियों ने दर्शन कर धर्म लाभ लिया। सभी तीर्थयात्री 20-21अगस्त को रवाना होकर 23 अगस्त तक टोंक पहुंचेंगे। ये सभी करीब साढ़े ग्यारह सौ तीर्थ यात्री टोंक जैन नसिया से 15 और 16 अगस्त को दो बार में रवाना हुए थे। अब दो दिन में यहां पहुंचेंगे।

सम्मेद शिखर जी पर्वत की परिक्रमा आज पूरी कर ली है। अब ये यात्री आज रवाना होकर दो दिन बाद टोंक पहुंचेंगे। इसमें टोंक समेत अन्य जिलों के तीर्थ यात्री शामिल हुए थे।

इस तीर्थ यात्रा में युवा भी बडी संख्या में गए थे।
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