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खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार को खाद्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य “गिव अप अभियान” की समीक्षा करना था। बैठक में मंत्री गोदारा ने अभियान की धीमी गति पर नाराज़गी जताई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे
उन्होंने साफ कहा कि जो अधिकारी इसे हल्के में लेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि अगर किसी के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो कोई भी MLA की सिफारिश उसे नहीं बचा पाएगी।
चित्तौड़गढ़ जिले की स्थिति चिंताजनक
मीटिंग के दौरान यह जानकारी सामने आई कि चित्तौड़गढ़ जिला अभी भी “गिव अप अभियान” में पिछड़ा हुआ है। मंत्री ने कहा कि सिर्फ अधिकारियों की नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे इस अभियान का प्रचार-प्रसार गांवों तक करें। उन्होंने बताया कि अभी भी कई ग्रामीणों को इस योजना की जानकारी नहीं है, जिससे वे लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
गंगरार में 440 नाम एक ही रात में हटाए गए, बेगूं विधायक भड़के
मीटिंग के दौरान जब गंगरार क्षेत्र का डेटा चेक किया गया, तो पता चला कि एक ही रात में करीब 440 लोगों के नाम एक साथ योजना से डिलीट कर दिए गए। यह देखकर बेगूं विधायक सुरेश धाकड़ गुस्से में आ गए। उन्होंने अधिकारी जितेंद्र सैनी को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि इस तरह का मनमानी वाला काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक ने कहा कि गरीबों का हक नहीं छीना जा सकता। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि बिना जांच के इतने नाम कैसे हटा दिए गए? साथ ही चेतावनी दी कि अगर ऐसा ही चलता रहा, तो उन्हें वहीं वापस भेज दिया जाएगा, जहां से वे आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हटाए गए लोगों में से सिर्फ चार को भी यहां बुला लिया जाए, तो स्थिति साफ हो जाएगी। उन्होंने मंत्री गोदारा को जांच करवाने की मांग की।
मंत्री ने अधिकारियों को फील्ड में जाने के निर्देश दिए
मंत्री सुमित गोदारा ने मीटिंग के अंत में सभी अधिकारियों से कहा कि वे सिर्फ दफ्तर में बैठकर काम न करें, बल्कि फील्ड में अभियान के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि अब कोई बहाना नहीं चलेगा। यह काम सरकार की प्राथमिकता में है, इसलिए सभी को गंभीरता से काम करना होगा। जो गरीब और वंचित है, साथ ही पात्रता भी है तो उनका नाम जल्दी जोड़े।
मीटिंग में पारदर्शिता की मांग, मीडिया को न रोकने की सलाह
मीटिंग के दौरान जब वीडियो बनता देखा गया तो कुछ लोगों ने इसे रोकने की कोशिश की। इस पर विधायक सुरेश धाकड़ ने नाराजगी जताई और कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है, इसलिए मीडिया को मीटिंग में शामिल होने से नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर अगली बार मीडिया को रोका गया, तो वे खुद मीटिंग में शामिल नहीं होंगे। इस मीटिंग में चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, कपासन विधायक अर्जुन लाल जीनगर, जिला कलेक्टर आलोक रंजन, एसडीएम बीनू देवल, रसद अधिकारी हितेश जोशी सहित कई अधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद मंत्री सुमित गोदारा निंबाहेड़ा के लिए रवाना हो गए।
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