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जयपुर में 41 साल पहले मीरा मार्ग पर खुली देश की पहली फैमिली कोर्ट के खुद के भवन का सपना अब टोंक रोड पर गांधी नगर मोड़ पर साकार रूप ले रहा है। भवन में दो बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर की छत का काम पूरा हो चुका है। फर्स्ट फ्लोर की छत का काम जारी है। फिलहाल 2
सुविधाएं मिलेंगी
- पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन महासचिव सत्येन्द्र सिंह का कहना है कि फैमिली कोर्ट की नई बिल्डिंग बनने से पक्षकारों, वकीलों व कोर्ट कर्मियों को भी सुविधा मिल सकेंगी।
- अधिवक्ता दीपक चौहान का कहना है कि नए भवन में दिल्ली की साकेत कोर्ट की तर्ज पर सभी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। आगामी 20 साल के हिसाब से सुविधाएं मिले।
8500 मामले लंबित… शहर की 5 फैमिली कोर्ट में पारिवारिक विवादों से जुड़े हुए करीब 8500 मामले लंबित हैं।
- अधिवक्ता सुनील शर्मा और रजनी अग्रवाल का कहना है कि केसों में मुख्यत: दांपत्य संबंधों की पुनर्स्थापना, पति-पत्नी के अलग होने के मामले हैं।
फिलहाल फैमिली कोर्ट, टोंक रोड पर ही…
राज्य महिला आयोग के ऑफिस परिसर में चल रहा है। मौजूदा फैमिली कोर्ट भवन में कई कमियां हैं, पक्षकारों व कोर्ट स्टाफ के लिए बैठने की पर्याप्त जगह नहीं, फाइलें रखने के लिए रिकॉर्ड रूम नहीं, पार्किग भी नहीं है।
एक फ्लोर पर होंगी दो फैमिली कोर्ट…
पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डीएस शेखावत ने बताया कि एक फ्लोर पर दो फैमिली कोर्ट संचालित होंगी। पक्षकारों के बच्चों के खेलने के लिए रूम, काउंसलिंग रूम, पक्षकारों के बैठने की सुविधा।
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