राजस्थान क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा जयपुर के नरेगा का चार साल पुराना केस। 11 अगस्त 2021 को चार साल की मासूम अचानक घर से गायब हो गई।
मां ने पहले सोचा कि पिता के साथ बाड़े में गई होगी, लेकिन वो वहां नहीं थी। माता-पिता ने पूरी रात ढूंढा, लेकिन बच्ची का कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन तालाब में उसका शव मिला।
बच्ची के शरीर पर जगह-जगह चोटों के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मासूम की हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य किया गया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद इलाके के लोगों का गुस्सा और बढ़ गया था। परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव लेने से इनकार कर दिया था।
जयपुर ग्रामीण पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी ताकत झोंक दी। मामले को लेकर एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम भी गठित की गई।
अब पढ़िए आगे की कहानी…

पोस्टमार्टम में बच्ची से रेप की पुष्टि के बाद लोगों का गुस्सा बढ़ गया। आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग करने लगे। -फोटो एआई जनरेटेड
पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। कई थानों के 500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने पीड़िता के घर के आसपास के इलाकों में संदिग्ध की जांच तेज कर दी।
कई लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस को सुरेश नाम के एक संदिग्ध के बारे में सूचना मिली। जांच में सामने आया कि सुरेश शराब और अन्य नशे करने का आदी है। वो गायब है। पुलिस सुरेश की तलाश में जुट गई।
पुलिस सुरेश की तलाश करते हुए लापोडिया गांव में एक घर पहुंची। वहां सुरेश के बारे में पूछताछ की। पुलिस ने सुरेश नाम के युवक के बारे में पूछताछ की। उसी वक्त घर से एक युवक बाहर निकल रहा था।
उसने खुद को मुकेश बताते हुए पुलिस को बताया कि सुरेश तो शाम को ही अपने दोस्त के यहां भोजपुरा चला गया है। पुलिस वापस लौट गई। इसके बाद मुखबिर के जरिए सुरेश का फोटो मंगवाया गया।
सुरेश का फोटो देखकर कॉन्स्टेबल के होश उड़ गए। काॅन्स्टेबल ने लापोडिया गांव के जिस घर में पूछताछ की थी और जिसने खुद को मुकेश बताया था, वो ही सुरेश था। सुरेश के पहचान छिपाने पर अब पुलिस का शक यकीन में बदल गया।

पुलिस आरोपी तक पहुंच गई थी, लेकिन वह चकमा देकर फरार हो गया। -फोटो एआई जनरेटेड
पुलिस वापस लापोड़िया गांव गई, लेकिन तब तक सुरेश फरार हो गया था। पुलिस ने फोटो के जरिए आरोपी सुरेश की तलाश तेज कर दी। इसी दौरान गांव वालों की मदद से पुलिस को पता चला कि सुरेश खेतों में छिपा हुआ है।
पुलिस ने वहां से आरोपी को हिरासत में ले लिया। एक बार पुलिस को गच्चा दे चुके सुरेश ने बचने की काफी कोशिश की। वारदात वाली रात को पहने हुए कपड़ों को आग भी लगा दी थी।
पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर अधजले कपड़े और कपड़ों की राख बरामद कर ली गई। इसके अलावा बच्ची की स्कर्ट, वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली गई।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वारदात के वक्त वह नशे में था। उसने घर के बाहर खेल रही मासूम को देखा। उसे जबरन बाइक पर बिठाकर अपने साथ ले गया। सुनसान जगह पर जाकर उसके साथ हैवानियत की। इसके बाद खून से लथपथ बच्ची को तालाब में फेंककर फरार हो गया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, तब वह खेतों में छिपा हुआ था। -फोटो एआई जनरेटेड
इस मामले में पॉक्सो मामलों की विशेष कोर्ट ने अभियुक्त सुरेश को फांसी की सजा सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा-अभियुक्त ने इतनी छोटी बच्ची के साथ जो अमानवीय, घृणित, बर्बरतापूर्वक क्रूरता का अपराध किया है।
वह सामान्यत: किसी पशु द्वारा भी किए जाने की कल्पना नहीं की जा सकती है। इतने छोटे बच्चे के कांटा चुभने पर ही कितनी पीड़ा होती है तो इतनी छोटी फूल सी मासूम बच्ची के साथ अभियुक्त ने अकल्पनीय घृणित कृत्य किया होगा, तब वह किस भयंकर पीड़ा से गुजरी होगी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट में गया। वहां फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया।
4 साल की मासूम की रेप के बाद हत्या:पिता के साथ जाने की जिद, घर नहीं लौटी बच्ची; तालाब के पास मिला शव, पार्ट-1

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