श्री लक्ष्मीनारायण नृत्याश्रम गिरधारी महाराज कथक सेंटर की ओर से “कथक रस वर्षा” का आयोजन शनिवार को जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में हुआ। आयोजन में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने मंच पर प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई।
आयोजन में नन्हे बच्चों से लेकर वरिष्ठ स्तर के विद्यार्थियों तक सभी ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को बांधे रखा। बच्चों की मासूमियत और अनुशासित नृत्य में गुरु-शिष्य परंपरा की झलक साफ दिखाई दी। मुख्य प्रस्तुतियों में धमार, शिव स्तुति, झपताल और दशावतार शामिल रहीं। विशेष रूप से दशावतार को दर्शकों ने सबसे अधिक सराहा। कार्यक्रम का शिखर अष्टपदी नृत्यत धंग रहा, जो तकनीकी दृष्टि से बेहद कठिन और समृद्ध प्रस्तुति थी। इसमें तिहाइयों, रचनाओं और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

बच्चों की मासूमियत और अनुशासित नृत्य में गुरु-शिष्य परंपरा की झलक साफ दिखाई दी
संगीत और नृत्य का संगम
नृत्य के साथ-साथ संगीत की संगति ने भी कार्यक्रम को खास बनाया। संगति में गायन पर रमेश मेवाल, तबला पर आदित्य सिंह राठौर, पखावज पर युवराज सिंह राठौर, सितार पर हरिहरन भट्ट और सारंगी पर अमीरुद्दीन खान रहे।
कार्यक्रम की कोरियोग्राफी और संगीत संयोजन नृत्यगुरु नमिता जैन और कौशल कांत ने किया।
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