सीकर में NEET में नंबर कम आने पर 20 साल की युवती घर छोड़कर चली गई। युवती ने करीब एक महीने बाद पिता को मोबाइल फोन पर कॉल किया। इसके बाद पुलिस ने उसे अमृतसर (पंजाब) से डिटेन कर लिया।
इस दौरान युवती कुछ दिन हरिद्वार में रही। लोगों को तिलक लगाने का काम किया। इससे जो पैसे मिले, उससे उसने पहनने के लिए नए कपड़े खरीदे। फिर अमृतसर के गोल्डन टेंपल चली गई। वहां लंगर में सेवा करती और खाना खाती थी। यही नहीं, उसने लोगों से पैसे मांगकर भी पेट भरा।
मामला सीकर उद्योग नगर थाना इलाके का है। पुलिस ने रविवार को युवती को परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
दरअसल, युवती करीब तीन-चार साल से सीकर में NEET की तैयारी कर रही थी। इस बार रिजल्ट में नंबर कम आने पर उसने सोचा कि घरवाले उसे डांटेंगे। उसने घरवालों को कह दिया कि उसके नंबर अच्छे आए हैं।
जुलाई में जब काउंसलिंग का समय आया तो युवती को लगा कि जब उसे कॉलेज नहीं मिलेगा, तब घरवालों को पता लग जाएगा कि उसके नंबर कमाए हैं। 25 जुलाई की सुबह वह से घर से निकल गई।

सीकर से पहले गई रेवाड़ी, फिर पहुंची दिल्ली सीकर एसपी प्रवीण नायक नुनावत ने कहा- नीट में नंबर कम आने पर 25 जुलाई की सुबह करीब 6:15 बजे युवती घर से बिना बताए चली गई थी। वह सीधे सीकर रेलवे स्टेशन पर गई। यहां से उसने रेवाड़ी जाने वाली ट्रेन पकड़ी। रेवाड़ी स्टेशन पर वह 3 से 4 घंटे रुकी। इसके बाद उसने रेवाड़ी स्टेशन से दिल्ली जाने वाली ट्रेन ली।

युवती पहले सीकर रेलवे स्टेशन से रेवाड़ी गई थी। (फाइल फोटो)
हरिद्वार में तिलक लगाकर गुजारे दिन, अमृतसर में लंगर में खाना खाया दिल्ली स्टेशन पहुंचकर युवती सीधे हरिद्वार चली गई। हरिद्वार में वह 3 से 4 दिन तक रुकी। यहां उसने लोगों को तिलक लगाने का काम किया। तिलक लगाने से उसे जो पैसे मिले, उससे उसने पहनने के लिए नए कपड़े खरीदे।
हरिद्वार से युवती पठानकोट चली गई। पठानकोट में उसने सुना कि अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मुफ्त में खाना मिलता है। ऐसे में ट्रेन के जरिए वह अमृतसर के स्वर्ण मंदिर चली गई। वहां उसने लंगर में सेवा की और वहीं खाना खाया।

युवती अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सेवा करती थी और लंगर में खाना खाती थी। (फाइल फोटो)
युवती ने पिता को कॉल किया तो पुलिस को मिली लोकेशन जुलाई में युवती के परिजन ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दी थी। उसके बाद से सीकर पुलिस मामले में लगातार एक्टिव रही। उद्योग नगर पुलिस थाने के कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र और हेड कॉन्स्टेबल चंद्रकला ने सीकर, रेवाड़ी और अन्य इलाकों में सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए।
29 अगस्त को युवती ने पिता को कॉल किया। इसके बाद उसकी लोकेशन के जरिए पुलिस उस तक पहुंची। पुलिस शनिवार को उसे अमृतसर से सीकर लेकर आई। पुलिस ने रविवार को युवती को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, युवती कई दिन बिना नहाए रही। कई बार तो उसने लोगों से पैसे मांगकर अपना पेट भरा।
एसपी प्रवीण नायक नुनावत ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके बच्चे के किसी परीक्षा में नंबर कम आते हैं तो उन्हें डांटें नहीं। बल्कि उन्हें मोटिवेट करें ताकि वह अगली बार और बेहतर कर सकें। जीवन की परीक्षा सबसे बड़ी है।
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