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सेव द टाइगर जागरूकता रैली के दौरान बच्चे।
इंटरनेशनल टाइगर डे के दिन प्रशासनिक और वनाधिकारियों की संवेदनहीनता सामने आई। यहां टाइगर फाउंडेशन की ओर से एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया था। इस जागरूकता रैली से प्रशासन और वनाधिकारियों ने दूरी बनाए रखी। टाइगर डे पर टाइगर जागरूकता रैली से वनाधिकार
सेव द टाइगर रैली से गायब रहे रणथम्भौर के वनाधिकारी
टाइगर फाउंडेशन की कॉर्डिनेटर अर्चना पाठक ने बताया कि इंटरनेशनल टाइगर डे के दिन फाउंडेशन की ओर से एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया था। यह सेवा द टाइगर जागरूकता रैली रणथम्भौर सर्किल से सरस डेयरी रणथम्भौर रोड तक निकाली गई थी। जिसमें करीब ढाई सौ स्कूली बच्चे, स्काउट, गाइड, युवा और शहर के प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। पाठक ने बताया कि जागरूकता रैली से पूर्व फाउंडेशन की ओर से प्रशासनिक अधिकारी, वनाधिकारी, नगर परिषद के अधिकारियों, प्रमुख होटल व्यवसाय के जुड़े लोगों को आमंत्रण दिया गया था, लेकिन जागरूक रैली के दौरान कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं रहा। इसी के साथ रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से अपनी आजीविका चलाने वाले गाइड और जिप्सी ड्राइवर भी जागरूक रैली से गायब रहे। जिससे स्कूली बच्चों और युवाओं को निराश होना पड़ा। पाठक ने कहा कि ऐसे आयोजनों में अधिकारियों की मौजूदगी लोगों को मोटिवेशन देती है, जो यहां दिखाई नहीं दी।
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