पाली के रजत विहार में बरसाती पानी से होकर गुजरती दो महिलाएं।
पाली के नया गांव रोड स्थित रजत विहार के लोग इन दिनों खासे परेशान है। यहां की अधिकतर गलियों में आज भी बरसाती पानी भरा हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से हर मानसून में ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। प

रजत विहार में बरसाती पानी से होकर स्कूटी लेकर गुजरती युवती।
पाली शहर के नया गांव रोड पर रजत विहार आबाद है। लाखों रुपए खर्च कर लोगों ने यह अपने आशियाने बना रखे है। सीवरेज की सुविधा भी यहां है लेकिन उसकी हालत यह है कि वह पानी से भरी पड़ी है। ऐसे में बरसाती पानी की सीवरेज के जरिए निकासी नहीं होती और नालियां मोहल्ले में है नहीं। ऐसे में हर बार मानसून में थोड़ी सी बरसात होने पर यहां की गलियों में बरसाती पानी भर जाता है। उस पानी से होकर आना-जाना पड़ता है। यह स्थिति पिछले कई सालों से देखने को मिल रही है लेकिन समाधान को लेकर जिम्मेदार कुछ नहीं करते।

बरसाती पानी से होकर गुजरते बच्चे।
लोगों ने कुछ इस तरह बताई समस्या
पानी से निकलने में लगता है डर 9 साल की भाग्यश्री कहती है। अभी भी उनके मोहल्ले में बरसाती पानी भरा हुआ है। ऐसे में बरसाती पानी से आने-जाने में डर लगता है। ऐसा लगता है कही गिर न जाए। सांप न काट ले। लेकिन इस बरसाती पानी से निजात दिलाने के लिए कोई पुख्ता प्रयास नहीं कर रहा।

रजत विहार में खुला पड़ा सीवरेज के चैंबर में गिरने का भी रहता है डर।
सीवरेज का चैंबर में कोई गिर गया तो मर जाएंगा कंचन कंवर ने बताया कि मेवाड़ा छात्रावास से आगे अभी भी बरसाती पानी भरा है। यहां सड़क पर भरे बरसाती पानी में सीवरेज का चैंबर आधा खुला हुआ है। उसमें अगर कोई गिर गया तो चैंबर में अंदर तक चला जाएंगा। बड़ा हादसा भी हो सकता है। उसे ठीक करवाना चाहिए तुरंत।
मकान की नींव हो रही कमजोर क्षेत्र के नरेन्द्र डाबी ने कहा कि पिछले करीब एक महीने से गलियों में बरसाती पानी भरा हुआ है। जिससे मकान की नीवें भी कमजोर हो रही है। मड पम्प लगे हुए है लेकिन नाकाफी साबित हो रहे है। सांप भी बरसती पानी में आते रहते है।
अब तो हमने हार मान ली धर्मेंद्र प्रजापत ने कहा कि पिछले करीब 5 साल से यहां रह रहा हूं। हर साल बरसात में मोहल्ले की गलियों में पानी भर जाता है। प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों से समस्या समाधान की मांग कर चुके है लेकिन अभी भी समाधान नहीं हुआ अब तो हमने भी हार मान ली है।
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