बैरवा की ढाणी में एक हीं चिता पर तीन चिता पर चचेरे भाइयों का अंतिम संस्कार किया गया है।
एक ही चिता पर 14-15 साल के तीन चचेरे भाइयों का दाह संस्कार किया गया तो हर आंख नम हो गई। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। टोंक जिले में पीपलू उपखंड के सौंधीफल गांव (बैरवा की ढाणी) में कल शाम तालाब में डूबने से तीनों की मौत हो गई थी। सोमवार को गमगीन माहौल
बैरवा की ढाणी में तीन सगे भाइयों के परिवार रहते हैं। ऐसे में किसी भी घर में कल चूल्हा नहीं जला। पूरे गांव में मातम का माहौल है। सांत्वना देने लोगों के आने का सिलसिला जारी है। इस दौरान प्रभावित परिवारों को 9-9 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की बात कही गई है।

तालाब एम3 डूबने से ये तीनों छात्रों की मौत हो गई।
पिकअप से तीनों शव पहुंचे तो मची चीख-पुकार
झिराना थाना पुलिस ने सोमवार सुबह 9 बजे तीनों के पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को शव सौंपे। शवों को पिकअप से घर लाया गया तो चीख पुकार मच गई। तीन घरों में कोहराम मच गया। सुबह 11 बजे एक ही चिता पर अंकेश, विकास और सुनील का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पीपलू SDM गणराज बड़गौती ने बताया- पीड़ित परिजन के लिए आर्थिक मदद का प्रोपोजल बनाकर सरकार को भेजेंगे।ये परिवार खाद्य सुरक्षा योजना में बताये गए हैं। ऐसे इसमें पांच लाख का बीमा होता है। इसके अलावा प्रति मृतक के आश्रित को SDRF से चार-चार लाख की आर्थिक मदद का प्रोपोजल जोड़कर भेजेंगे। प्रति परिवार 9-9 लाख की आर्थिक मदद मिल जाएगी।

तीनों चचेरे भाइयों के शवों को पिकअप में रखकर गजर लाते परिजन।
भैंसें को तालाब से निकालने की कोशिश में डूबे
झिराना थानाधिकारी हरिमन मीणा ने बताया-चौगाई ग्राम पंचायत के गांव सौंधीफल निवासी शंकरलाल का बेटा अंकेश (15), धर्मचंद का बेटा विकास उर्फ़ विशाल (14) और राजेश बैरवा का बेटा सुनील (15) रविवार शाम 6-7 भैंसों को पानी पिलाने के लिए घर से 500 मीटर दूर तालाब पर गए थे।
भैंसे तालाब से नहीं निकली तो अंकेश पानी में उतरा। इस दौरान भैंसे तालाब में चली गई। वह काफी देर तक जब भैंसें बाहर नहीं निकलीं तो अंकेश पानी में उतर गया। इस दौरान वह डूबने लगा। अंकेश को डूबता देख सुनील और विकास भी पानी में कूद गए। तैरना नहीं आने के कारण तीनों बच्चे पानी में गहरे चले गए।
इस दौरान उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में मौजूद सुनील के पिता राजेश बैरवा तालाब की तरफ दौड़े और तीनों बच्चों को बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। लेकिन राजेश बच्चों को बचा नहीं पाए और खुद भी डूबने लगे। इसके बाद मशक्कत कर वे किनारे पर आए। बाद में लोगों ने तीनो के शवों को निकाल कर पीपलू अस्पताल ले गए। जहां रात होने से शवों को मॉर्च्युरी में रख दिया था।
इनपुट: रामकल्याण सैनी, पीपलू।
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टोंक में रविवार शाम भैंसों को तालाब पर पानी पिलाने गए 14 से 15 साल के तीन चचेरे भाइयों की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना जिले के झिराना थाना इलाके के सौंधीफल गांव (बैरवा की ढाणी) में शाम 6 बजे के करीब हुई। घटना के बाद गांव में मातम छा गया। तीन परिवारों में चीख-पुकार मच गई। एक बच्चे के पिता ने सभी को निकालने की कोशिश की लेकिन बचा नहीं पाया। वह खुद भी डूबने से बाल-बाल बचा। (पढ़ें पूरी खबर)
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