जयपुर पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा और प्रभावशाली अभियान शुरू किया है। इस अभियान का नाम ‘सशक्त नारी, जिम्मेदारी हमारी’ है, जिसका उद्घाटन पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के पृथ्वीराज चौहान सभाग
अभियान के शुभारंभ के मौके पर डीजीपी राजीव शर्मा बोले,

अभियान 7 दिन का है, लेकिन संकल्प जीवनभर का लेना है। महिलाएं शक्ति, सहनशीलता और साहस का प्रतीक हैं। केवल सामूहिक प्रयासों और महिला शक्ति के साथ-साथ नौजवानों, आमजन एवं समुदाय के सहयोग से ही वास्तविक बदलाव संभव है।

डीजीपी राजीव शर्मा आगे बोले- महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। पूर्व में संचालित कालिका पेट्रोलिंग, एंटी-रोमियो और निर्भया स्क्वायड जैसी टीमें सराहनीय काम कर रही हैं। इसी वजह से जयपुर देश के सुरक्षित शहरों में दूसरे नंबर पर है। अब इसे विश्व में नंबर एक बनाना है।
पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने कहा, “इस पहल का मकसद केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शहर में कानून व्यवस्था व अपराध नियंत्रण के साथ-साथ महिला सुरक्षा पर विशेष काम किया जा रहा है। साल 2024 व 2025 में अपराधों में काफी गिरावट आई है।”
इस अभियान की जिम्मेदारी संभालने वाली एडीजी लता मनोज कुमार व जयपुर ग्रामीण एसपी राशि डोगरा डूडी ने भी महिला सुरक्षा पर किए जाने वाले कार्य के बारे में बताया। इस अभियान के तहत कई नई और महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की जा रही हैं, जो महिलाओं की सुरक्षा को हर स्तर पर सुनिश्चित करेंगी। इस अभियान में अगले सात दिन तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे
- वॉक एंड टॉक :- महिला पुलिस अधिकारी हर गली और मोहल्ले में जाकर लोगों से सीधे संवाद करेंगी और उन्हें महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगी।
- जागरूकता शिविर :- स्कूल, कॉलेज और औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिससे महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी जा सके। जागरूकता से संबंधित लघु फिल्म, नुक्कड नाटक दिखाया जाएगा।
- महिला सुरक्षा वॉरियर्स :- आम महिलाओं को भी पुलिस के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे वे अपने और दूसरों की सुरक्षा में मददगार बन सकें।
- चरित्र सत्यापन :- ऑटो, मिनी बस और डिलीवरी सेवाओं से जुड़े लोगों का चरित्र सत्यापन किया जाएगा। यह कदम सार्वजनिक परिवहन और डिलीवरी सेवाओं को महिलाओं के लिए और अधिक सुरक्षित बनाएगा।
- आउटरीच प्रोग्राम :- स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से संवेदनशील क्षेत्रों में महिला एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए आमजन में जागरूकता का प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इस अभियान में सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र, विभिन्न महिला संगठनों को भी जोड़ा जाएगा।
- बीट सुदृढीकरण :- ऐसे संवेदनशील क्षेत्र जहां पर महिलाओं से संबंधित अपराध अधिक हो रहे है। उनमें विशेष गश्त एवं कठोर कानूनी कार्यवाही एवं महिला पुलिसकर्मियों की विजिबिलिटी बढ़ाना, जिसमें बालिकाओं एवं महिलाओं में सुरक्षा की भावना पैदा हो।
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