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इंडियन एयरफोर्स के गौरवमयी इतिहास, योद्धाओं के देश के लिए गए बलिदान को जीवंत रखने के लिए बाड़मेर के उतरलाई एयरफोर्स स्टेशन में शौर्य स्थल बनाया गया है। इससे योद्धाओं की गौरव गाथा को लोगों तक पहुंचाने के लिए निर्माण करवाया गया है। शौर्य स्थल पर 15 अगस्

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दरअसल, बाड़मेर जिला मुख्यालय से 16 किलोमीटर दूर स्थित उत्तरलाई एयरफोर्स स्टेशन पर शौर्य स्थल बनाया गया है। इसका काम बीते करीब एक साल से चल रहा था। यहां पर वीर योद्धाओं के नामों के साथ भारत के लड़ाकू विमान की प्रदर्शित किया गया है। नेशनल हाईवे होने के कारण आने-जाने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

शौर्य स्थल पर लड़ाकू विमानों के साथ-साथ विभिन्न अभियानों और युद्धाभ्यासों में शहीद होने वाले बहादुर वायु योद्धाओं के नामों के साथ प्रदर्शित किया गया है। शौर्य स्थल पर आने वाले आमजन को इस स्मारक से देश की सेवा के प्रति अद्वितीय प्रेरणा मिलेगी।

तस्वीरों में देखिए भारत के लड़ाकू विमान

शौर्य स्थल पर लड़ाकू विमान मिग प्रदर्शित किए गए, साथ वीर योद्धाओं के बारे में भी लिखा गया है।

शौर्य स्थल पर लड़ाकू विमान मिग प्रदर्शित किए गए, साथ वीर योद्धाओं के बारे में भी लिखा गया है।

प्रदर्शित लड़ाकू विमान है आकर्षण का केंद्र।

प्रदर्शित लड़ाकू विमान है आकर्षण का केंद्र।

15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज फराहने के साथ आम लोगों के खोल दिया गया है।

15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज फराहने के साथ आम लोगों के खोल दिया गया है।

मिग लड़ाकू विमान ने 45 साल से ज्यादा सेवाएं दी

बाड़मेर जिले में बने पहले शौर्य स्थल में मिग 21 और मिग 21 टी96 रखे हुए हैं। वर्ष 1965 और 1971 में हुए युद्ध में मिग 21 ने अपना जोहर दिखाया था। साथ ही मिग 21 टी 96 भारत के पास 1973 में आया और इस लड़ाकू विमान ने 45 साल से ज्यादा अपनी सेवा दी है। आज यह दोनों ही देश के गौरव के रूप में उत्तरलाई स्थित शौर्य स्थल पर आमजन को प्रेरणा देने के लिए खड़े हैं।



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