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परकोटे में जर्जर भवन गिरने से पिता-पुत्री के जिंदा दफन होने के बाद हेरिटेज नगर निगम की नींद टूटी है। सुभाष चौक, पानों का दरीबा में शनिवार को जहां भवन गिरा था, उसके पास ही खड़े दूसरे जर्जर भवन को रविवार को गिरा दिया गया। इसके अलावा निगम अधिकारियों ने

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आदेश की पालना नहीं करने पर मकान मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। निगम का दावा है कि लगातार हो रही बारिश में ये इमारतें कभी भी गिर सकती हैं। निगम की सख्ती के बाद कई परिवार पहले ही अपने मकान खाली कर चुके हैं। वहीं जिनके पास ठहरने का स्थान नहीं है, उनके लिए निगम ने अस्थायी सुविधा उपलब्ध कराई है।

इधर, निगम ने जर्जर भवनों का फिर से सर्वे कराने के लिए अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्रवण वर्मा के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी 48 घंटे में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर नए चिह्नित भवनों पर कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को शुक्रवार रात गिरी बिल्डिंग को भी पूरी तरह से गिराया जाएगा।

जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं भवन गिरने से दो की मौत के बावजूद निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार, छैला का कुआं इलाके में गिरी बिल्डिंग को निगम पहले ही दो बार नोटिस दे चुका था, लेकिन उसे खाली नहीं कराया गया। जबकि मकान की छत से पानी लगातार टपक रहा था।

कांस्टेबल हरेंद्र कसवा की बहादुरी: गिरते मलबे में दो मासूमों की जान बचाकर ​दिखाई हिम्मत

सुभाष चौक इलाके में शुक्रवार रात जर्जर मकान गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान हरेंद्र कसवा नाइट ड्यूटी पर सुभाष चौक नाकाबंदी पॉइंट पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे थे, तभी अचानक तेज धमाका हुआ और लोगों की चीख-पुकार गूंजी।

मौके पर मौजूद घायल महिला ने रोते हुए बताया कि उसके दो बच्चे मलबे में फंसे हैं। खतरे के बावजूद कांस्टेबल हरेंद्र तुरंत मलबे में उतरे और दोनों बच्चों को खोज निकाला। उन्हें अपनी गोद में उठाकर बाहर निकाला और एक निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से दोनों मासूमों की जान बच गई।

मिलीभगत के निर्माण; पुराने भवनों पर चढ़ा रहे मंजिल; हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

परकोटे में जर्जर मकानों पर नई बिल्डिंग चढ़ाने का खेल निगम अधिकारियों की मिलीभगत से जारी है। शुक्रवार रात गिरे जर्जर भवन के पास ही तीसरे मकान पर कमजोर नींव पर दो मंजिल का निर्माण कर दिया गया है। इसमें ईंटों का काम पूरा हो चुका है और अब प्लास्टर व सेनेटरी फिटिंग बाकी है। यह बिल्डिंग किराए पर दे रखी गई है, जिसमें 43 से अधिक लोग रहते हैं। किशनपोल, हवामहल-आमेर जोन में एक साल में 478 अवैध निर्माण हुए हैं।

एसएमएस में भर्ती 5 में से 4 घायलों की आज हो सकती है छुट्टी एसएमएस अस्पताल के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ.बी.एल. यादव ने बताया कि सुकन्या, सोनू, ऋषि, सुमित्रा और वासुदेव का इलाज जारी है। सुमित्रा के सिर में चोट लगी है। बाकी चारों को संभवतया सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।



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