प्रकाश व्यवस्था का दायित्व कुलदीप शर्मा, रूपसज्जा संजय सेन, ध्वनि हिमांशु वर्मा और मुख्य सहायक निर्देशन प्रभा शर्मा का रहा।
परम्परा नाट्य समिति द्वारा आयोजित 14वां गोपीजी भट्ट स्मृति संगीत नाट्य समारोह की शुरुआत रविन्द्र मंच के स्टूडियो थिएटर में हुई। कार्यक्रम लोक नाट्य तमाशा शैली के प्रख्यात गायक-संगीतज्ञ स्व. गोपीजी भट्ट की स्मृति को समर्पित है।
समारोह के पहले दिन राजस्थानी भाषा की लोक शैली में नाटक गोरी सिणगार करे ढोला पानी भरो का मंचन किया गया। हास्य और व्यंग्य से परिपूर्ण इस नाटक ने दर्शकों को जमकर गुदगुदाया। नाटक के लेखक शुभकरण दधीच और निर्देशक वरिष्ठ रंगकर्मी कुलदीप शर्मा रहे।

नाटक के लेखक शुभकरण दधीच और निर्देशक वरिष्ठ रंगकर्मी कुलदीप शर्मा रहे।
कथानक एक सरकारी क्लर्क की पत्नी सरोज के इर्द-गिर्द बुना गया, जो दिखावे की आदी है और अपनी सहेली पुष्पा के आने पर झूठी शान-शौकत कायम रखने के लिए हर संभव जतन करती है। इस रोचक प्रस्तुति में नेहा बुटोलिया (सरोज), प्रदीप कुमार (चांदमल भाटी), लोकेश वर्मा (चतरू), कुलदीप शर्मा (आर.के. वर्मा), भानुप्रिया सैनी (पुष्पा), गुरु प्रसाद कुमावत (दादाजी मेजर) ने प्रभावी अभिनय से दर्शकों की वाहवाही लूटी।

प्रकाश व्यवस्था का दायित्व कुलदीप शर्मा, रूपसज्जा संजय सेन, ध्वनि हिमांशु वर्मा और मुख्य सहायक निर्देशन प्रभा शर्मा का रहा।
प्रकाश व्यवस्था का दायित्व कुलदीप शर्मा, रूपसज्जा संजय सेन, ध्वनि हिमांशु वर्मा और मुख्य सहायक निर्देशन प्रभा शर्मा का रहा।
दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया गया, जिसमें प्रमुख समाजसेवक एल.सी. भारतीय, वरिष्ठ पत्रकार-समीक्षक सर्वेश भट्ट, भागचंद गुर्जर एवं संयोजक सचिन भट्ट उपस्थित रहे। समारोह के दूसरे दिन पं. आलोक भट्ट शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति देंगे।
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