स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चित्तौड़गढ़ का ऐतिहासिक किला देशभक्ति की रोशनी से जगमगा उठा है। 15 अगस्त को देश अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस खास मौके को त्योहार की तरह मनाने के लिए पूरे देश में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी थीम प
चित्तौड़गढ़ दुर्ग की दीवारें, विजय स्तंभ, कुम्भा पैलेस और गोमुख जैसे मुख्य स्मारकों को तिरंगे की लाइटों से सजाया गया है। यह सुंदर लाइटिंग 12 अगस्त से 17 अगस्त तक की जाएगी। शाम होते ही यह नजारा दूर-दूर से दिखाई देता है और लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है।
फोटोग्राफर मुरली कुमावत ने बताया कि जब तिरंगे की रोशनी किले की पुरानी दीवारों पर पड़ती है, तो एक अलग ही माहौल बन जाता है। ऐसा लगता है जैसे इतिहास और आज का मेल हो रहा हो। देशभक्ति का यह दृश्य हर किसी के दिल को छू रहा है।
यह लाइटिंग सिर्फ देखने में ही सुंदर नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति गर्व और एकता का संदेश भी देती है। जब पूरा किला तिरंगे की रोशनी में नहाया हुआ दिखता है, तो ऐसा लगता है मानो पूरा शहर आज़ादी की खुशी मना रहा हो।
चित्तौड़गढ़ किले पर यह लाइटिंग साल 2022 से शुरू हुई थी। अब यह किला सालभर अलग-अलग थीम पर रोशनी से सजाया जाता है। किसी त्यौहार या खास अवसर पर विशेष लाइटिंग की जाती है। किले की दीवारों और स्मारकों पर करीब 500 से 600 फसाड लाइटें लगाई गई हैं। ये लाइटें किले की सुंदरता को और भी बढ़ा देती हैं।

जगमग लाइटिंग से चमका विजय का प्रतीक विजयस्तम्भ।
स्वतंत्रता दिवस जैसे खास मौके पर जब किला तिरंगे के रंगों में रंगा नजर आता है, तो वहां आने वाले पर्यटक भी इस अद्भुत दृश्य को कैमरे में कैद करना नहीं भूलते। बच्चे, युवा और बुजुर्ग हर कोई इस नजारे को देखकर गर्व महसूस करता है।
चित्तौड़गढ़ किला यूं तो अपने इतिहास और वीरता के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यह आधुनिक लाइटिंग की वजह से भी लोगों के बीच खास चर्चा में रहता है। इस बार तिरंगा थीम पर की गई रोशनी ने आज़ादी के पर्व को और भी खास बना दिया है।
कह सकते हैं कि चित्तौड़गढ़ का किला सिर्फ इतिहास की पहचान नहीं, बल्कि आज के भारत की एकता और गर्व का प्रतीक भी बन गया है। तिरंगे की यह रोशनी हर किसी के दिल में देशभक्ति की भावना और भी गहरी कर रही है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments