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भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी के प्रस्तावित नामों में सांसद व विधायकों को ज्यादा पद देने को लेकर राज्य व केंद्रीय नेतृत्व के नेता एक राय नहीं हो पा रहे है। प्रदेश लीडरशिप नई कार्यकारिणी में सांसद व विधायकों को करीब एक दर्जन पद देने का प्लान कर रहा है,

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पार्टी के एक गुट की दलील है कि एक व्यक्ति-एक पद का सिद्धांत कड़ाई से लागू हो। सांसद व विधायकों पर केंद्र व राज्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से मॉनिटर कर लागू करवाने व जनता से संवाद करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, ऐसे में वे संगठन को पर्याप्त समय नहीं दे पाते है। इसको देखते हुए युवा और चुनाव हारे वरिष्ठ व अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी दी जाए, ताकि संगठन प्रबंधन बेहतर हो सके।

बताया जा रहा है कि प्रस्तावित कार्यकारिणी को लेकर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष से दो बार चर्चा कर चुके है, पिछले दिनों बीएल संतोष ने राठौड़ को सूची के नामों पर प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने की नसीहत दी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पदाधिकारियों से भी विचार विमर्श होगा।

पद हासिल करने के लिए नेताओं में लॉबिंग शुरू

भाजपा ने अब तक तमिलनाडु, पांडुचेरी, मिजोरम, मेघालय, केरल, चंडीगढ़, अरूणाचल प्रदेश, गोवा, आसाम, नागालैंड, बिहार प्रदेशों में प्रदेश कार्यकारिणी घोषित कर दी है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष के नियुक्ति के बाद राजस्थान की प्रदेश कार्यकारिणी को स्वीकृत की चर्चाओं पर विराम लग गया है। वहीं राजस्थान की प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है।

मौजूदा कार्यकारिणी में ये सांसद-विधायक

प्रदेश कार्यकारिणी में सांसद दामोदर अग्रवाल व विधायक जितेंद्र गोठवाल महामंत्री है। वहीं किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष भागीरथ चौधरी सांसद व केंद्रीय मंत्री है। नई कार्यकारिणी में केवल महिला व एससी-एसटी वर्ग के विधायकों को ही पद देने की संभावना है। नई टीम में सामाजिक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व व युवा के साथ अनुभवी चेहरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पदों के लिए लॉबिंग व खींचतान

नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया के साथ ही नेताओं ने लॉबिंग शुरू कर दी है। हर गुट अपने अपने समर्थकों नेताओं को कार्यकारिणी में शामिल करके अपना दबदबा बढ़ाना चाहते है। कार्यकारिणी में सीनियर और अनुभवी नेताओं को शामिल किया जाएगा। युवाओं को भी मौका मिल सकता है। पार्टी का फोकस संगठन को मजबूत करने पर है। मौजूदा कुछ पदाधिकारियों की छुट्टी होना तय माना जा रहा है।

कई पदाधिकारियों को मिलेगा प्रमोशन

वर्तमान कार्यकारिणी में 10 उपाध्यक्ष, पांच महामंत्री, 13 मंत्री और एक कोषाध्यक्ष सहित 33 पदाधिकारी है। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पद संभालने के बाद केवल दो पदाधिकारियों को नियुक्ति दी है। वर्तमान कार्यकारिणी के एक दर्जन पदाधिकारियों का प्रमोशन और मोर्चों के अध्यक्षों को नई टीम में बड़ी जिम्मेदारी देकर शामिल किया जाएगा। जिन पदाधिकारियों को कार्यकारिणी से हटाया जाएगा, उन्हें बोर्ड व आयोग में जगह दी जाएगी।



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