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Indresh Upadhyay objected to the phrases ‘Joyful Independence Day’ | इंद्रेश उपाध्याय ने ‘हैप्पी इंडिपेंडेंस डे’ शब्द पर जताई आपत्ति: कहा- असली स्वतंत्रता सैनानी वैष्णव-ब्राह्मण, जिसके माथे पर तिलक, वह स्वतंत्र – Sikar Information

सीकर के रैवासा धाम में चल रहे ‘सियपिय मिलन महोत्सव’ में श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित इंद्रेश उपाध्याय ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए। उपाध्याय ने श्रद्धालुओं को आजादी का असली अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि वास्तविक . पंडित उपाध्याय ने कहा- स्वतंत्रता दिवस का मतलब केवल अंग्रेजों से […]

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Indresh Upadhyay said- Tilak is our ID card | इंद्रेश उपाध्याय बोले- तिलक हमारा आईडी कार्ड: सीकर में कहा- धर्म वही, जहां इंद्रिय सुख का भाव नहीं – Sikar Information

रैवासा धाम में 12 से 18 अगस्त तक आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित इंद्रेश उपाध्याय ने भक्तों को परम धर्म का गहन बोध कराया। कथा के दौरान उन्होंने श्रीमद् भागवत गीता के श्लोकों के माध्यम से भक्ति, तिलक धारण और ठाकुर जी की से . श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए कथावाचक […]

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Indresh Upadhyay said- There are two causes for unhappiness – me and mine | इंद्रेश उपाध्याय बोले- मैं और मेरा भाव दुख के कारण: सीकर में कहा- विवाह के बाद दंपती अपने विचार और जीवन को पवित्र करें – Sikar Information

मानव जीवन में दुख के दो ही कारण हैं- अहमता और ममता। यदि इन दो स्वभावों पर नियंत्रण कर लिया जाए, तो कोई भी व्यक्ति आपको दुखी नहीं कर सकता। ‘मैं’ और ‘मेरा’ का भाव ही दुख का कारण बनता है, जैसे पिता का अपने पुत्र के प्रति अत्यधिक मोह। यह बात प्रसिद्ध कथा . […]

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