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जिले में अब तक 8 लाख 92 हजार हेक्टेयर में किसानों ने खरीफ फसल की बुवाई की है। यह कृषि विभाग के लक्ष्य से 16 प्रतिशत कम है। जिले में अब तक 183 मिमी बारिश हुई है, जबकि औसत बारिश की जरूरत 385 मिमी है।कृषि विभाग की ओर से पिछले साल के मुकाबले खरीफ फसल की

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अब तक सबसे कम बुवाई अरंडी की हुई है। खरीफ में दूसरी सबसे अधिक बोई जाने वाली ग्वार की बुवाई लक्ष्य के मुकाबले 50% हुई है।कृषि विभाग की ओर से 2 लाख 15 हजार हेक्टेयर में ग्वार की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन औसत से कम बारिश के चलते किसानों की ओर से 1 लाख 75 सौ हेक्टेयर में बुवाई की गई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि अरंडी व ग्वार की बुवाई देरी से की जाती है। इस बार अच्छे जमाने के आसार हैं। 11-12 अगस्त को बारिश की संभावना है। ऐसे में अब मूंग, मोंठ, ग्वार का बुवाई क्षेत्र बढ़ेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगे बारिश समय पर होने से अच्छी पैदावार की उम्मीद है।

“जिले में अच्छी बारिश होने से अच्छी बुवाई हुई है। ग्वार व अरंडी की बुवाई 15 जुलाई के बाद होती है जो जारी है। मोंठ की बुवाई 95 प्रतिशत हुई है। 10 से 15 दिन में अच्छी बारिश होने पर अच्छी पैदावार की उम्मीद है।”

-पदमसिंह भाटी, सहायक निदेशक, कृषि विभाग।

“अगले 4-5 दिन बारिश नहीं होगी। अब कम समय में पकने वाले मूंग, मोंठ, ग्वार का क्षेत्र बढ़ेगा। 15 अगस्त तक बारिश होने पर ग्वार का क्षेत्र पूरा होगा। 11-12 अगस्त को जिले में बारिश की संभावना है। मौसम बदलने के साथ बाजरा व तिल की फसल में कीड़े लग रहे हैं। स्प्रे करना चाहिए।”

-डॉ. प्रदीप पगारिया, कृषि वैज्ञानिक।



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