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नेपाल में पीएम केपी शर्मा ओली की सरकार के भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के फैसलों के खिलाफ लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक देखने को मिला। सोमवार को हजारों की संख्या में युवाओं ने काठमांडू सहित नेपाल के एक दर्जन से ज्यादा शहर
उन्होंने ओली सरकार के सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के खिलाफ पोस्टर दिखाए और नारे लगाए। नेपाल की जेन-जेड का नया नारा है- ‘करप्शन बैन करो, कनेक्शन नहीं’। इसके अलावा युवाओं ने ‘हम क्रांति हैं, भ्रष्टाचार के खिलाफ/ सवाल पूछना गुनाह नहीं/ करप्शन और नेपोटिज्म को खत्म करो/ हमें बोलने दो सरकार/ यह अपराध नहीं है और नो मोर करप्शन/ ये हमारा देश है, हमे बदलाव चाहिए’ जैसे नारे लगाए।
काठमांडू के सोशमिराज धुंगाना ने एक पोस्ट में लिखा- अब सरकार हमारी आवाज कुचलना चाहती है। नेता अभिव्यक्ति की आजादी की बातें करते हैं, लेकिन हमारी आवाज बंद कर देते हैं। यह शर्मनाक है। हम चुप नहीं रहेंगे। एक अन्य नेपाली यूजर ने लिखा- राजनीतिक परिवारों के बच्चे महंगी गाड़ियां, विदेश में पढ़ाई और शाही जिंदगी जीते हैं, वो भी जनता के टैक्स के पैसों से।
चीन परस्त ओली अयोध्या पर सवाल उठा चुके, योग को नेपाली बताया था
केपी शर्मा ओली… नेपाल की राजनीति का ऐसा नाम, जो हर बार लौटकर आते हैं। साथ लाते हैं नया विवाद। चौथी बार पीएम बने ओली बार-बार यही जताने की कोशिश करते रहे हैं कि वे भारत से टकराकर भी चीन के सहारे खड़े हो सकते हैं। राष्ट्रवाद की आड़ में उनकी राजनीति भारत-विरोध और चीन-परस्ती पर ही चलती है। हालांकि, नेपाल में ही आरोप लगते रहे हैं कि अपनी विफलताएं छिपाने के लिए वे भारत के साथ विवाद छेड़ते हैं।
ओली की कहानी शुरू होती है 2015 से। पहली बार प्रधानमंत्री बने। उसी साल भारत-नेपाल सीमा पर नाकेबंदी हुई। पेट्रोल पंप सूखे तो ओली ने पहली बार चीन से तेल खरीदा। 73.5 मीट्रिक टन की खेप मंगाई। यह सिर्फ तेल नहीं, बल्कि कूटनीतिक संदेश था- नेपाल अब भारत पर निर्भर नहीं रहेगा। अगले ही साल चीन से इंटरनेट कनेक्टिविटी डील ने यह संकेत और मजबूत किया। कारवां पहुंचता है, 2020 में। बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत 1900 करोड़ रु. की मदद ले नेपाल चीन के कर्ज जाल में फंस चुका था। कर्ज माफी के लिए चीन की मिन्नतें करनी पड़ रही हैं।
ओली ने भारत के साथ सांस्कृतिक टकराव भी छेड़ा। सीधे आस्था पर चोट की। कहा- ‘असली अयोध्या नेपाल में है। भारत की अयोध्या नकली है।’ नेपाल के बीरभूमि के थोरी को असली अयोध्या बताया। राम-सीता से लेकर दशरथ के यज्ञ तक, सबकुछ नेपाल से जोड़ने की कोशिश की। ये बयान भारत ही नहीं, नेपाल में भी मजाक और नाराजगी का कारण बने। 2020 में ही नेपाल का नया नक्शा जारी किया। भारतीय इलाके लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा इसमें दिखाए। दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव जैसी स्थिति बनी। इसी साल, ओली ने भारत पर सरकार गिराने की साजिश का आरोप जड़ा। कहा कि पिछले कार्यकाल में भी चीन के साथ ट्रेड एंड ट्रांजिट समझौते पर दस्तखत करने पर सरकार गिरा दी गई थी।
काठमांडू में तब यही चर्चा थी कि ओली चीन के सहारे भारत से भिड़ रहे हैं। ओली की बोली यहीं नहीं रुकी। 2021 में कहा, ‘योग भारत से नहीं, नेपाल से शुरू हुआ था। योग शुरू हुआ तब भारत का अस्तित्व नहीं था।’ कोविड में तो संसद में ही कह दिया, ‘भारत से आया वायरस चीन और इटली के वायरस से खतरनाक है।’ हर बयान भारत-नेपाल रिश्तों में तनाव की नई परत जोड़ता गया। जुलाई, 2024 में चौथी बार पीएम बने तो पहले भारत दौरे की परंपरा तोड़कर बीजिंग जाना चुना। चीनी कंपनी को ठेका देकर नेपाल के विवादित नक्शे वाले नोट छापे। हाल में एससीओ समिट में राष्ट्रपति जिनपिंग के समक्ष लिपुलेख पर आपत्ति भी जताई। यह वही इलाका है, जिसे भारत-चीन ने ट्रेड रूट के तौर पर खोलने का समझौता किया था।
पाकिस्तान: विद्रोही हमले 70% बढ़ गए
अप्रैल 2022 में इमरान खान की सत्ता से विदाई के बाद शहबाज शरीफ की गठबंधन सरकार बनी। लेकिन सरकार सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसीम मुनीर ही नियंत्रित कर रहे हैं। सरकार कई मोर्चों पर असंतोष से जूझ रही है। बलूचिस्तान और खैबर-पख्तूनख्वा में विद्रोहियों के हमले 70% बढ़ गए हैं।
मालदीव: कर्ज संकट में, चीन का बढ़ता दबदबा
मालदीव की अर्थव्यवस्था गहरे कर्ज संकट से जूझ रही है। देश का ऋण जीडीपी का लगभग 134% पहुंच गया। मालदीव पर चीन का 91,500 करोड़ रु. का कर्ज है, जो विदेशी कर्ज का 35% है।
दुनिया के किन देशों में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा और क्यों
देश प्रतिबंध कब प्लेटफॉर्म कारण परिणाम
चीन 2009+ FB, X, YT, Google राष्ट्रीय सुरक्षा स्थायी बैन, लोकल एप
ईरान 2009+ FB, X, IG, WA विरोध आंदोलन वीपीएन का भारी उपयोग
तुर्किये 2014-16 X, YT, Wiki आतंकवाद, सुरक्षा अस्थायी बैन, हटाना पड़ा
मिस्र 2011 FB, X, YT अरब स्प्रिंग सरकार गिरी
म्यांमार 2021 FB, IG, X सैन्य तख्तापलट वीपीएन का इस्तेमाल जारी
पाकिस्तान 2012-21 YT, TikTok, X धार्मिक, अश्लीलता फैसला वापस लेना पड़ा
रूस 2022 FB, IG, X युद्ध प्रोपेगेंडा लोकल एप को बढ़ावा
श्रीलंका 2018-22 FB, X, YT, WA दंगे/आर्थिक संकट गुस्सा और विरोध बढ़ा
नोट : FB फेसबुक, X ट्विटर, YT यूट्यूब, IG इंस्टाग्राम, WA वॉट्सएप।
7 पड़ोसी देशों में आर्थिक-सियासी अस्थिरता की स्थिति
श्रीलंका: राजपक्षे परिवार की पार्टी साफ, विक्रमसिंघे जेल गए, आर्थिक संकट जारी
{2022 के आर्थिक संकट के बाद राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षा देश छोड़कर भागे। 23 सितंबर 2024 में अनुरा कुमार दिसानायके राष्ट्रपति बने।
अनुरा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और 5 पूर्व मंत्रियों को भष्ट्राचार के मामलों में जेल की सजा सुनाई गई।
{श्रीलंका की अर्थव्यवस्था अभी भी संकट में है। लोगों पर महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी का बोझ बना हुआ है।
श्रीलंका
मानचित्र प्रतिकात्मक है।
नेपाल: तीसरा जनआंदोलन; इस बार मुद्दा अभिव्यक्ति
नेपाल में 1990 में लोकतंत्र की बहाली, 2006 में राजशाही की समाप्ति और संसद की बहाली के लिए जन आंदोलन हुए। अब जेन
-जी आंदोलन हुआ इसका मुद्दा है भ्रष्टाचार, डिजिटल आजादी।
नेपाली पीएम ओली व चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग।
म्यांमार: 2021 से सत्ता में सेना, 6 हजार लोग मारे गए
फरवरी 2021 में आंग सान सू की की सरकार का तख्तापलट होने के बाद म्यांमार गहरे गृहयुद्ध में डूबा है। सत्ता पर सेना का कब्जा। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अब तक 6,231 नागरिक मारे जा चुके हैं।
नेपाल संसद में प्रवेश करने के लिए छत से कूदता एक प्रदर्शनकारी छात्र।
बांग्लादेश: जिन छात्रों ने हसीना को सत्ता से बेदखल किया, अब वे ही साइड लाइन
{अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हसीना सरकार के तख्तापलट एक महीने में नोबेल विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया।
{90 दिनों में चुनाव होना था, लेकिन वे पिछले 13 माह से पीएम बने हुए हैं। कई आंदोलनकारी छात्रों को अंतरिम सरकार में शामिल किया गया था। 8 प्रमुख छात्र नेताओं में से आधे से ज्यादा साइड लाइन होने के बाद सरकार छोड़ चुके हैं। सेना ही सत्ता चला रही है।
तस्वीरें नेपाल की है, जहां सोमवार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रदर्शन में हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया। नेपाल संसद की ओर जाते वक्त पुलिस से झड़प के बाद छात्रों ने आगजनी की। पुलिस की बर्बर कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं।
अफगानिस्तान:97% लोग गरीबी में जी रहे
अगस्त 2021 में अमेरिकी सेना की वापसी और तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद अफगानिस्तान संकट में फंस गया है। {यूएन रिपोर्टों के मुताबिक, 97% अफगान आबादी गरीबी में जी रही है और हर दूसरा परिवार पर्याप्त भोजन नहीं जुटा पा रहा। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हैं।
वे गोली क्यों मार रहे: युवा
एक प्रदर्शनकारी ने छात्र ने बताया कि कुछ देर पहले पुलिस ने गोलियां चलाईं। मुझे नहीं लगी, लेकिन पीछे खड़े दोस्त को हाथ में लग गई। अभी भी गोलीबारी चल रही है। संसद के अंदर से भी आवाज आ रही है। सड़क पर खड़े दोस्त को सिर में गोली लगी। पुलिस घुटनों के ऊपर निशाना लगाकर अंधाधुंध गोली चला रही है। क्या उन्हें यह करने का हक है?
भारत-नेपाल के रिश्तों में तनाव की परतें जोड़ता गया हर बयान
सोशल मीडिया पर बैन से भड़का नेपाल }युवा प्रदर्शनकारियों ने कहा- सवाल पूछना गुनाह नहीं; हमारा देश है, हमे बदलाव चाहिए
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