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ऋषिकेश से कांवड़ लेकर बारां पहुंचने पर शिवभक्तों का भव्य स्वागत किया गया।
बारां में सावन माह के दौरान शिवभक्तों की आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। ऋषिकेश से कांवड़ लेकर निकले श्रद्धालु 15 दिन की कठिन यात्रा के बाद बारां पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लगभग 750 किलोमीटर की दूरी तय की।
शहर में प्रवेश करते ही चारमूर्ति चौराहा पर स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संगठनों ने कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया। फूलों की वर्षा की गई और ढोल-नगाड़ों के साथ भजन-कीर्तन हुए। महिलाओं ने थाल सजाकर आरती की और भक्तों को प्रसाद वितरित किया।
शहर के विभिन्न स्थानों पर कांवड़ियों का स्वागत किया गया। यात्रा का समापन शहर के प्रसिद्ध मनिहारा महादेव मंदिर में हुआ। यहां शिवभक्तों ने गंगाजल से जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि की कामना की।
इस कांवड़ यात्रा में दर्जनों श्रद्धालु शामिल थे। पूरे रास्ते भर भक्त “बोल बम” के जयकारों के साथ चलते रहे। उनका उत्साह और श्रद्धा देखते ही बनती थी। कांवड़िए दिन-रात चलकर, नदी-नालों को पार करते हुए, ऋषिकेश से पवित्र गंगा जल लेकर बारां पहुंचे।
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