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‘एक पौधा परिवार के नाम’ अभियान का शुभारंभ रविवार को राजापार्क स्थित पिंक कैफे में हुआ।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नारी शक्ति की नेतृत्व भूमिका को साकार करते हुए ‘एक पौधा परिवार के नाम’ अभियान का शुभारंभ रविवार को राजापार्क स्थित पिंक कैफे में हुआ। शिल्पी फाउंडेशन, पिंक कैफे और लॉन्चिंग सॉल्यूशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्

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शिल्पी फाउंडेशन की संस्थापक शिल्पी अग्रवाल और समाजसेवी दिव्या द्विवेदी ने जानकारी दी कि इस अभियान में राज्य भर की 10,000 से अधिक महिलाएं सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं।

बालमुकंद आचार्य ने सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।

बालमुकंद आचार्य ने सभी को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।

सभी ने मिलकर 1 लाख पौधे लगाने और उन्हें परिवार के सदस्य की तरह पालने-पोसने का संकल्प लिया है। यह सिर्फ पर्यावरण सुधार की पहल नहीं, बल्कि प्रकृति से आत्मीय संबंध की अभिव्यक्ति है।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि रवि नैयर, हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य और साहित्यकार रिजवान एजाजी सहित कई अतिथियों, नागरिकों एवं पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति में हुआ।

कार्यक्रम स्थल पर रवि नैय्यर ने पौधा लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

कार्यक्रम स्थल पर रवि नैय्यर ने पौधा लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

मंच पर शिल्पी अग्रवाल, दिव्या द्विवेदी, सुनीता अग्रवाल, शांति भटनागर, रेनू चौहान, कुसुम सैनी, लक्ष्मी अग्रवाल, कमलेश सोनी, मधु शुक्ला, रिंकी सैनी, मीनाक्षी सेन, रश्मि तंवर, अंजू अग्रवाल, अमृता आहूजा, सोनम सोनी, रामनिवास, हीरालाल और तनुज मंगलानी जैसे अनेक समाजसेवी शामिल रहे।

कार्यक्रम की विशिष्टता इसमें तय किए गए ड्रेस कोड ने भी बढ़ाई, जो प्रतीकात्मक रूप से इस अभियान के भावों को दर्शाता था।

कार्यक्रम की विशिष्टता इसमें तय किए गए ड्रेस कोड ने भी बढ़ाई, जो प्रतीकात्मक रूप से इस अभियान के भावों को दर्शाता था।

रंगों से सजा था हरियाली का यह उत्सव

कार्यक्रम की विशिष्टता इसमें तय किए गए ड्रेस कोड ने भी बढ़ाई, जो प्रतीकात्मक रूप से इस अभियान के भावों को दर्शाता था। पिंक रंग जयपुर की सांस्कृतिक पहचान, हरा रंग हरियाली और जीवन का प्रतीक और नीला रंग खुले आकाश और अनंत संभावनाओं का संकेत रहा।

शिल्पी अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि पौधारोपण केवल प्रतीकात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि यह सामूहिक चेतना और जिम्मेदारी का प्रमाण है।

शिल्पी अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि पौधारोपण केवल प्रतीकात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि यह सामूहिक चेतना और जिम्मेदारी का प्रमाण है।

शिल्पी अग्रवाल ने कहा कि इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि पौधारोपण केवल प्रतीकात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि यह सामूहिक चेतना और जिम्मेदारी का प्रमाण है। अभियान में महिलाओं की अग्रणी भूमिका यह भी दर्शाती है कि सामाजिक परिवर्तन की असली धुरी नारी शक्ति है।



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