जैसलमेर और बाड़मेर जिले के प्रथम एवं सबसे बड़े गोचिकित्सा प्रकल्प श्री पथमेड़ा गोचिकित्सालय बाड़मेर की शाखा तथा विश्व के पहले विकलांग गोआवास में रविवार को नवीन गोसेवा कार्यों का गवार्पण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिलीप पालीवाल ने भामाशाह परिवारों को साधुवाद देते हुए गोमाताओं के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस अवसर पर सेठ अमरचन्द सिंहल की स्मृति में उज्जवल आलोक सिंहल की ओर से गोमाता मंदिर तथा गेमरसिंह राठौड़ की स्मृति में तनेराजसिंह व कंवराजसिंह राठौड़ की ओर से नवीन तुलादान परिसर गोसेवार्थ समर्पित किया गया।
सियाणी मठाधीश आनन्दपुरी महाराज ने कहा कि इस प्रकल्प में केवल तीन पैरों वाले विकलांग गोवंश रहते हैं, जो न दूध देते हैं और न ही कोई इन्हें पालता है। ऐसे निराश्रित व असहाय गोवंश की सेवा करना ही मानव का सच्चा धर्म है।
श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के सीईओ एवं श्री पथमेड़ा गोचिकित्सालय बाड़मेर के अध्यक्ष आलोक सिंहल ने कहा कि बीमार, दुर्घटनाग्रस्त और विकलांग गोवंश की सेवा महान पुण्य का कार्य है। उन्होंने सभी गोभक्तों से ऐसे कार्यों में निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया।
महासचिव आनंद पुरोहित ने विकलांग गोआवास प्रकल्प की स्थापना, उद्देश्य और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं भाजपा जिला महामंत्री देवीलाल कुमावत ने गोसेवा कार्यों की सराहना करते हुए समाज से अधिकाधिक जुड़ने की अपील की। गवार्पण अवसर पर एनएच-68 समूह की ओर से गोशाला को आटा चक्की भेंट की गई।
इस दौरान नरेंद्र कुमार बंसल और दिलीप लोहिया ने सिंहल और दोहट परिवार का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन रिणछाराम प्रजापत ने किया। कार्यक्रम में उपस्थित गोभक्तों को पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर दुपट्टा और गोमाता की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया। यह जानकारी व्यवस्थापक एवं मीडिया प्रभारी राजूराम बेनिवाल ने दी। नरेंद्र कुमार बंसल व दिलीप लोहिया ने सिंहल व दोहट परिवार का धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन रिणछाराम प्रजापत ने किया। अतिथियों ने पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर गोभक्तों का दुपट्टा व गोमाता तस्वीर देकर सम्मान किया।
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