इस कार्यक्रम में रंग-बिरंगे लहरिये, पारंपरिक परिधान, लोकसंगीत और लोकनृत्य प्रस्तुतियां होंगी।
जयपुर में राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपरा को समर्पित “सावन उत्सव” का आयोजन 6 अगस्त (बुधवार) को होगा। यह कार्यक्रम हीरा वैली रिसोर्ट स्वेज फार्म सोडाला में आयोजित किया जाएगा। इस विशेष आयोजन की थीम राजस्थान का पारंपरिक लहरिया होगी।
नृत्यम फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं कार्यक्रम आयोजिका काजल सैनी ने बताया कि इस कार्यक्रम में रंग-बिरंगे लहरिये, पारंपरिक परिधान, लोकसंगीत और लोकनृत्य प्रस्तुतियां होंगी। सावन के गीतों और नृत्य के साथ यह उत्सव माहौल को पूरी तरह पारंपरिक रंग में रंग देगा।
सैनी के अनुसार, लहरिया राजस्थान की पहचान मानी जाने वाली एक पारंपरिक बंधेज कला है। यह बारिश के मौसम में लोकजीवन में खास रंग भरती है। इस बार का आयोजन इसी थीम पर केंद्रित है, ताकि शहरवासी राजस्थान की परंपरा और संस्कृति से रूबरू हो सकें।

इस उत्सव में स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को मंच दिया जाएगा।
कार्यक्रम से पहले सभी प्रतिभागियों को डांस ट्रेनिंग दी गई है। यह प्रशिक्षण 6 अगस्त को होने वाली प्रस्तुतियों का हिस्सा होगा। काजल सैनी ने बताया कि “सावन उत्सव” सिर्फ मनोरंजन कार्यक्रम नहीं है। यह राजस्थान की पारंपरिक कला और संस्कृति को संरक्षित करने और बढ़ावा देने का प्रयास है।
इस उत्सव में स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को मंच दिया जाएगा। साथ ही सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का उद्देश्य भी है। सावन का महीना राजस्थान में उमंग और मेल-मिलाप का प्रतीक है। ऐसे आयोजन सामाजिक जुड़ाव को बढ़ाते हैं और लोककला, पारंपरिक परिधान तथा संगीत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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