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पाली जिले के सोमेसर क्षेत्र के बूसी गांव स्थित बद्रीनारायण आश्रम के संत भरतदास महाराज गुरु हरिचरणदास महाराज खाकी का मंगलवार रात अचानक तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया।
महर्षि जगदीशानंद महाराज, गादीपति चाणक्य आश्रम हेमावास चौराहा पाली ने बताया- रात करीब 2:29 बजे जगत गुरु रामानंदाचार्य का फोन आया, जिसमें उन्होंने संत भरतदास महाराज के निधन की सूचना दी। इसके बाद वे बुधवार सुबह 8 बजे आश्रम पहुंचे।
बेहोश होकर गिर पड़े, नाक से झाग आने लगा
आश्रम के सेवक मोहनलाल पुत्र केसाराम घांची ने बताया- संत भरतदास महाराज मंगलवार सुबह छापरी नाड़ी रामदेवरा यात्रियों के लिए राम रसोड़े पर गए थे और दिनभर वहीं रहे। रात करीब 12:30 बजे अचानक तबीयत बिगड़ने पर वे आश्रम लौटे और दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलने पर उन्होंने बताया कि उनका जी घबरा रहा है। उन्हें बाथरूम ले जाया गया, जहां एक बार उल्टी भी हुई। इसके बाद उन्हें कमरे में ले जाया गया, लेकिन थोड़ी देर बाद वे हॉल में रखी खाट पर आकर बैठ गए और अचानक वहीं गिर पड़े। इस दौरान उनकी नाक से झाग आने लगा। तुरंत ग्रामीणों को बुलाया गया।
पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम यात्रा
संत के अचानक निधन को देखते हुए संतों और ग्रामीणों की सहमति से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया गया। सूचना पर गुड़ा एंदला थाना पुलिस और खोंड चौकी प्रभारी प्रहलादसिंह टीम सहित मौके पर पहुंचे और संत के शव को बूसी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करवाया।
महर्षि जगदीशानंद महाराज ने बताया कि संत भरतदास महाराज की वैकुंठ यात्रा गुरुवार सुबह 10 बजे बद्रीनारायण आश्रम से गाजे-बाजे के साथ छापरी नाड़ी धाम के लिए रवाना होगी। वहां संतों और ग्रामीणों की मौजूदगी में विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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