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जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने बूंदी में शैक्षणिक संस्थानों के सुरक्षा सर्वे कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर बूंदी जिले में सभी राजकीय स्कूलों, कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों, देव नारायण स्कूलों, छात्रावास भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों की सुरक्षा का सर्वे किया जाएगा। इसके लिए जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने अलग-अलग उपखंड म
प्रत्येक दल में तकनीकी अधिकारी, शिक्षा और बाल विकास विभाग के अधिकारी शामिल किए गए हैं। निरीक्षण गतिविधियों के जिला स्तर पर समग्र पर्यवेक्षण के लिए सहायता एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुदर्शन सिंह तोमर को नोडल अधिकारी तथा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ओम गोस्वामी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
आदेशानुसार सभी गठित टीमों को अगले 5 दिन में आवंटित पंचायतों का दौरा करना होगा। वे सभी गांवों में स्थित शैक्षणिक संस्थाओं और आंगनबाड़ियों की सुरक्षा की दृष्टि से भौतिक सत्यापन करेंगे। इसके बाद निर्धारित प्रपत्र में रिपोर्ट संबंधित उपखंड अधिकारियों के माध्यम से जिला कलक्टर कार्यालय को प्रस्तुत करेंगे।
निरीक्षण के दौरान दल असुरक्षित कक्ष, भवनों की छत, सीलिंग, विद्युत तार, चारदीवारी, जल निकासी, पेयजल भंडार और टैंकों आदि की विशेष जांच करेंगे। बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत यदि कोई कक्ष या भवन असुरक्षित पाया जाता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसमें कक्ष या भवन को सील करना और विद्यार्थियों को निकटवर्ती अन्य स्कूल या राजकीय भवन में स्थानांतरित करना शामिल है।
संस्था प्रधानों को प्रतिदिन भवन और परिसर की सुरक्षा जांचने के निर्देश दिए गए हैं। भारी वर्षा की स्थिति में स्कूल बंद रखने, विद्युत विभाग से समन्वय स्थापित कर बिजली के जर्जर पोल और ढीले तारों की मरम्मत करवाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी बोर्ड लगवाने और भवनों के चारों ओर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों को जल निकासी एवं गंदगी हटाने तथा संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को स्कूल परिसरों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में झाड़ियां और खरपतवार हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रिपोर्ट में यह होगा शामिल
निरीक्षण रिपोर्ट में असुरक्षित/जर्जर स्कूल कक्ष, वृहद मरम्मत योग्य कक्ष, शौचालय, पेयजल, खुला कुआं, बिजली के तार, चारदीवारी जैसी सभी संरचनाओं की विस्तृत स्थिति सांख्यिकीय रूप में दर्ज करनी होगा। साथ ही, यदि स्कूल परिसरों में कोई अन्य जर्जर संरचना है, जिसे हटाना जरूरी है, उसका भी उल्लेख करना होगा। आदेशानुसार इस कार्य में लापरवाही करने पर संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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