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कुम्हेर. आकाशीय बिजली गिरने से मकान की टूटी पट्टियां और बिखरा मलबा और टूटा पड़ा पंखा।
जिले में हुई बारिश के बाद कुम्हेर इलाके के सिकरोरी गांव में सुबह 3 बजे तीन मकानों पर बिजली गिर गई। इनमें से एक मकान पर बिजली गिरने से छत की पट्टियां टूट कर महिला के पैरों पर गिर गई, जिससे उसके पैर फ्रैक्चर हो गए। लोगों ने बताया कि बिजली गिरने की आ
सरपंच मनोज ने बताया कि गांव के कुंज बिहार, बलदेव, देवकी नंदन के घरों पर बिजली गिरी। इस दौरान कुंजबिहारी की पत्नी तारा (46) और बेटा रोहित (17) अलग- अलग कमरों में सो रहे थे। आकाशीय बिजली गिरने के कारण छतों की पट्टियां टूट कर तारा के पैरों पर गिर गई। तारा के पैर टूट गए हैं। उसका इलाज जारी है। रोहित के मामूली चोट आई है।
अचानक हुए तेज धमाकों की आवाज से आस पड़ोस के लोगों में भी हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और जिन घरों में बिजली गिरने की घटना हुई तुरंत वहां पहुंचे और घर से लोगों को दूसरी स्थानों पर शिफ्ट किया।
भास्कर एक्सपर्ट – लोकेश जैन, रिटायर्ड एसई, जयपुर
आकाशीय बिजली एक खतरनाक प्राकृतिक घटना है, जो हमेशा उस जगह गिरती है जहाँ से उसे जमीन तक पहुँचने का आसान रास्ता मिले। ऊँची इमारतें, अकेले खड़े पेड़, खुले मैदान के मकान या धातु/लोहे की छत और ऊँचे एंटीना वाले घर सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। इससे बचाव का सबसे कारगर उपाय छत पर लाइटनिंग अरेस्टर लगाना और मजबूत अर्थिंग करना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बारिश या तूफान के समय छत पर न जाएँ, पेड़ के नीचे न खड़े हों और मोबाइल-टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग न करें।
खाली खाट पर गिरा छत का मलबा बलदेव (42) के घर में उसका बेटा संजय (22) छत पर अट्टे पर सो रहा था। अट्टा के अंदर दो खाट बिछी हुई थी। जो खाट खाली थी। उस पर मलबा गिरा। इसलिए संजय के मामूली चोट आई है। देवकी नंदन के घर में किसी के चोट नहीं आई। हालांकि देवकी नंदन के घर में काफी नुकसान हुआ है। घर में लगे बिजली के तार जल गए।
आकाशीय बिजली गिरने की सूचना मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया और घायलों को लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां तारा की हालत खराब होने पर उसे भरतपुर रैफर कर दिया गया। वहीं तीनों मकान मालिक का कहना है कि बिजली की आवाज इतनी तेज थी की आसपास के घरों में चीख पुकार मच गई। ऐसा लगा जैसे कोई बम फटा हो। हल्का पटवारी और ग्राम पंचायत सेक्रेटरी मौके पर पहुंचे।
झमाझम बरसे मेघा – भुसावर में सर्वाधिक 68 व भरतपुर में 40 एमएम हुई बरसात दर्ज की गई
भरतपुर। बीती रात को झमाझम बरसात और फिर दूसरे दिन रविवार शाम को बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हो गया। जिला प्रशासन के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सर्वाधिक बरसात भुसावर में 68 एमएम दर्ज की गई, वहीं उच्चैन में 63 व भरतपुर में 40 एमएम बरसात हुई।
बाकी अन्य नदबई में 32, बयाना में 11, वैर में 01, रूपवास में 05 एमएम बरसात हुई। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन तक बरसात का यलो अलर्ट जारी किया है। सरसों अनुसंधान केन्द्र के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि गत दिन अधिकतम 35.8 डिग्री और न्यूनतम 27.7 डिग्री रहा था। वहीं बयाना में भी कई दिनों से पड़ रही गर्मी के बीच रविवार शाम को जमकर बारिश हुई जिससे बाजारों में पानी भर गया।
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