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शहर में स्मार्ट मीटर लगाते हुए।

उपभोक्ताओं के विरोध के बाद भी स्मार्ट मीटर लगाने में जिला जोधपुर डिस्कॉम में टॉप पर है। बाड़मेर जिले में अब तक 23 हजार 443 उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर लग चुके हैं।इसके बाद दूसरे नंबर पर जोधपुर जिला खंड में 18 हजार 324 व 10 हजार 953 स्मार्ट मीटर लगाने

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डिस्कॉम के बाड़मेर सर्किल में 3 लाख 22 हजार उपभोक्ताओं के मार्च 2027 तक स्मार्ट मीटर लगाने हैं। इससे पहले 2007 में पुराने चक्करी मीटर (कन्वेंशन व स्टेटिक टाइप) के स्थान पर पुश फीट मीटर फीडर रिनोवेशन प्रोग्राम (एफआरटी) के तहत बदले गए थे लेकिन इस बार लोगों का विरोध अधिक रहा। डिस्कॉम की ओर से सरकारी कार्यालयों में करीब 4 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, इनमें से करीब एक हजार मीटर लगाए गए हैं। सितंबर तक सभी सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगेंगे।

बाड़मेर सर्किल में सबसे अधिक 13 हजार 283 स्मार्ट मीटर शहर द्वितीय कार्यालय की ओर से लगाए गए हैं। डिस्कॉम की स्मार्ट मीटर लगाने व ऑन स्पॉट बिलिंग बाड़मेर खंड में 64 प्रतिशत यानी अब तक 19 हजार 992 मीटर लगाने के साथ 17 हजार 426 उपभोक्ताओं के बिलिंग शुरू कर दी गई है।स्मार्ट मीटर लगने से अब उपभोक्ताओं के बिलों में पारदर्शिता होने से सटीक बिलिंग होगी।

डिस्कॉम की औसत बिलिंग, मीटर लॉक, बंद मीटर की समस्या से निजात मिलेगी। उपभोक्ता बिजली उपभोग की प्रतिदिन जानकारी मोबाइल पर ऐप के जरिए देख सकेगा। दूसरी ओर से उपभोक्ता के बिजली कटौती, कम वोल्टेज, फॉल्ट की जानकारी कंट्रोल रूम व संबंधित एईएन कार्यालय को पहुंचेगी। जानकारी मिलने के दो घंटे में फॉल्ट ठीक होने के साथ कम वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा। इसके लिए जिले के 14 हजार ट्रांसफार्मर पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। अब बिल नहीं मिलने की शिकायत नहीं होगी।

बाड़मेर में 64% लगे स्मार्ट मीटर, 10 साल कंपनी करेगी मीटरों का रख-रखाव

जिले में अब तक 23 हजार से अधिक मीटर लगाए गए हैं। बाड़मेर डिवीजन में 64 प्रतिशत उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। शहर द्वितीय एईएन उम्मेदाराम सहारण ने बताया कि सब डिवीजन में 13 हजार 283 मीटर लगाए गए हैं। ऐसे में अब उपभोक्ताओं को बिजली खर्च की सटीक जानकारी मिलने लगी है। जितने यूनिट का उपभोग होगा, उतना ही बिल जारी होगा। अब मीटर रीडर अंदाजे से नहीं डाल सकेंगे।

औसत बिलिंग से उपभोक्ताओं को छुटकारा मिलेगा। जीनस कंपनी की ओर से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। 10 साल तक मीटर का रखरखाव कंपनी की ओर से होगा। एईएन संदीप तातेड़ ने बताया कि यदि मीटर खराब होता है तो एईएन के आदेश पर कंपनी को बदलना होगा। सभी मीटर लैब टेस्टेड हैं।

उपभोक्ता के मीटर रीडिंग पर संदेह होने पर प्रावधान है कि डिस्कॉम की ओर से घर पर सीरीज मीटर लगाया जाएगा। यदि मीटर सही पाया गया तो उपभोक्ता से उसकी कीमत वसूली जाएगी। खराबी होने पर उपभोक्ता के दूसरा मीटर लगाया जाएगा। पुराने मीटर के नंबर व रीडिंग नए मीटर पर लिखी जाती है। नए बिल में पुराने व नए मीटर की रीडिंग उपभोक्ता को दी जाती है।

स्मार्ट मीटर से सटीक बिल जारी, 15 पैसे प्रति यूनिट छूट का मिलेगा फायदा

स्मार्ट मीटर व ऑनलाइन बिलिंग से उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 15 पैसे की छूट दी जा रही है। मीटर खराब होने की स्थिति में अब 24 घंटे में मीटर बदले जाएंगे। अब डिस्कॉम कार्मिक बंद मीटर दिखाकर औसत बिलिंग नहीं कर सकेंगे। ऑनलाइन बिलिंग पर उपभोक्ताओं को 15 पैसे प्रति यूनिट छूट दी जा रही है।

“जिले में अब तक 23 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगाने से उपभोक्ताओं को वास्तविक उपभोग का समय पर बिल मिल रहा है। मोबाइल से उपभोक्ता प्रतिदिन बिजली उपभोग की जानकारी देख सकते हैं। जल्द ट्रांसफार्मर पर स्मार्ट मीटर लगने से ओवरलोड के डाटा की कार्यालय में मॉनिटरिंग होगी। ओवरलोड सिस्टम का डाटा ऑनलाइन ट्रैक होने से सिस्टम सुधार का काम समय पर होगा।”

– कैलाश कुमार, कार्यवाहक एसई डिस्कॉम।



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